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रिश्वत मामला : विजिलेंस जुटा रही दस्तावेजी तथ्य
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धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर में रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किए गए आरोपी पटवारी का हेडक्वार्टर नायब तहसील कार्यालय बगस्याड़ फिक्स किया गया है। इसके अलावा विजिलेंस की जांच इस मामले में जारी है। विजिलेंस इस मामले में आरोपी पटवारी को भी जांच में शामिल करेगी। इस पूरे मामले को लेकर आरोपी से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल विजिलेंस टीम दस्तावेज जुटाने में लगी हुई है।
इस मामले में विजिलेंस अब शिकायतकर्ता के खाते का विवरण जुटा रही है। पता लगाया जा रहा है कि कब राहत राशि मिली और इसमें से कितना ट्रांजेक्शन हुआ है। कुल मिलाकर विजिलेंस केस को पुख्ता बनाने के लिए दस्तावेजी तथ्य जुटा रही है। जिससे गिरफ्तारी के लिए आधार बनाया जा सके। विजिलेंस की जांच का सिलसिला इस मामले में लंबा चलने वाला है। ट्रैप के बजाय शिकायती आधार पर केस होने के चलते दस्तावेजों को आधार बनाने में विजिलेंस टीम जुटी हुई है। आरोपी पटवारी ने खुद को अस्वस्थ बताते हुए मेडिकल लीव ले ली है जबकि कमेटी के समक्ष आरोपी पटवारी के पटवार सर्किल कार्यालय को खोला गया और दूसरे पटवारी को सुपुर्द किया गया।
धर्मपुर क्षेत्र की एक विधवा महिला ने आपदा राहत राशि की पहली किस्त मिलने पर 50 हजार रुपये रिश्वत पटवारी को देने के आरोप लगाए हैं जबकि दूसरी किस्त जारी करने के लिए भी पटवारी पर 50 हजार रुपये मांगने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद विजिलेंस ने तथ्य वेरिफाई किए और शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।
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विजिलेंस एएसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि इस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उस तरह से जांच आगे बढ़ेगी। मामले में आरोपी पटवारी को भी जांच में शामिल किया जाएगा। उन्हाेंने आम जनता से आग्रह किया है कि अगर कहीं भी भ्रष्टाचार हो रहा हो या फिर रिश्वत की मांग हो रही तो विजिलेंस को जानकारी दी।
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इस मामले में विजिलेंस अब शिकायतकर्ता के खाते का विवरण जुटा रही है। पता लगाया जा रहा है कि कब राहत राशि मिली और इसमें से कितना ट्रांजेक्शन हुआ है। कुल मिलाकर विजिलेंस केस को पुख्ता बनाने के लिए दस्तावेजी तथ्य जुटा रही है। जिससे गिरफ्तारी के लिए आधार बनाया जा सके। विजिलेंस की जांच का सिलसिला इस मामले में लंबा चलने वाला है। ट्रैप के बजाय शिकायती आधार पर केस होने के चलते दस्तावेजों को आधार बनाने में विजिलेंस टीम जुटी हुई है। आरोपी पटवारी ने खुद को अस्वस्थ बताते हुए मेडिकल लीव ले ली है जबकि कमेटी के समक्ष आरोपी पटवारी के पटवार सर्किल कार्यालय को खोला गया और दूसरे पटवारी को सुपुर्द किया गया।
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धर्मपुर क्षेत्र की एक विधवा महिला ने आपदा राहत राशि की पहली किस्त मिलने पर 50 हजार रुपये रिश्वत पटवारी को देने के आरोप लगाए हैं जबकि दूसरी किस्त जारी करने के लिए भी पटवारी पर 50 हजार रुपये मांगने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद विजिलेंस ने तथ्य वेरिफाई किए और शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।
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विजिलेंस एएसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि इस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उस तरह से जांच आगे बढ़ेगी। मामले में आरोपी पटवारी को भी जांच में शामिल किया जाएगा। उन्हाेंने आम जनता से आग्रह किया है कि अगर कहीं भी भ्रष्टाचार हो रहा हो या फिर रिश्वत की मांग हो रही तो विजिलेंस को जानकारी दी।