{"_id":"57e1689b4f1c1b1539a824e9","slug":"bayras-in-ot-sundernager-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुंदरनगर अस्पताल की ओटी में वायरस, गर्भवती महिलाएं मंडी रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुंदरनगर अस्पताल की ओटी में वायरस, गर्भवती महिलाएं मंडी रेफर
मंडी
Updated Tue, 20 Sep 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
हेल्थ
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। जिले की गर्भवती महिलाओं पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भारी भी पड़ सकती है। जिला के सुंदरनगर अस्पताल में सीजेरियन गर्भवती महिलाओं को मंडी रेफर किया जा रहा है। जिसके कारण मंडी अस्पताल में काम का बोझ बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि सुंदरनगर अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में स्यूडोमोनास नामक वायरस आ गया है। अगर ऐसी स्थिति में सुंदरनगर अस्पताल में किसी गर्भवती महिला का आपरेशन किया जाएगा तो उस दौरान यह वायरस उसकी बॉडी में चला जाएगा।
विज्ञापन
जिससे उस महिला की मौत भी हो सकती है। सुंदरनगर से सिर्फ उन्हीं गर्भवती महिलाओं को रेफर किया है जिनके ऑपरेशन होने थे। उन महिलाओं की पर्ची पर लिखा है कि ओटी 15 दिनों के बंद हो गई है। वर्तमान समय में मंडी जिला में सिर्फ तीन गायनी विशेषज्ञ तैनात हैं। जिसमें एक विशेषज्ञ छुट्टी पर है। इस समय मंडी व सुंदरनगर में एक-एक गायनी विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
मंडी जिले में 18 प्रसव केंद्र
स्वास्थ्य विभाग मंडी जिले में 18 स्वास्थ्य संस्थानों में प्रवस करवाने के दावे करता है जो विभाग की लचर व्यवस्था की पोल खोल रहा है। वहीं, मंडी अस्पताल में पहले से ही प्रतिदिन गायनी ओपीडी में 200 अधिक गर्भवती व अन्य महिलाएं जांच करवाने आती हैं, जो सिर्फ एक डाक्टर के हवाले है। मंडी अस्पताल में गत सप्ताह एक नए गायनी विशेषज्ञ ने कार्यभार संभाला था, जिससे यहां पर तीन गायनी विशेषज्ञ हो गए थे लेकिन उसमें से भी एक डाक्टर को पिछले दिनों कुल्लू अस्पताल भेजा गया है।
विज्ञापन
क्या है स्यूडोमोनास वायरस
स्यूडोमोनास वायरस का स्वस्थ व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह वायरस सिर्फ उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है जो बीमारी से प्रभावित हों और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो। स्यूडोमोनास वायरस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति और गर्भवती महिला के रक्त, छाती और मूत्र मार्ग में संक्रमण पैदा कर सकता है। जिससे व्यक्ति या महिला की मौत भी हो सकती है। ऑपरेशन थियेटर में स्यूडोमोनास वायरस के होने का कारण उपकरणों की सही सफाई न होना माना जाता है। इसके अलावा ओटी में कार्यरत स्टाफ के हाथों से भी वायरस फैलने की संभावनाएं बनी रहती हैं।
कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देशराज शर्मा ने कहा कि दो दिनों में सुंदरनगर अस्पताल की ओटी को ठीक किया जाएगा। उसके बाद जिन गर्भवती महिला को ऑपरेशन की जरूरत है, उनके आपरेशन वहीं पर होंगे। जहां तक गायनी विशेषज्ञों के रिक्त पदों का मामला है तो इस बारे में निदेशालय को अवगत किया गया है।