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Mandi News: भूकंप रोधी मकान बनाने पर किया जागरूक
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कांगड़ा के विनाशकारी भूकंप की वर्षगांठ पर निकाला नागरिक एकजुटता मार्च
डीसी ने दिखाई हरी झंडी, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी और नेहरू युवा केंद्र की ओर से कांगड़ा भूकंप त्रासदी (1905) की 120वीं वर्षगांठ पर नागरिक एकजुटता मार्च निकाला गया। एकजुटता मार्च उपायुक्त कार्यालय से सेरी मंच होते हुए आईटीआई चौक तक तथा वापस इंदिरा मार्केट का चक्कर लगाता हुआ सेरी मंच पर संपन्न हुआ।
उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपूर्व देवगन ने मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मार्च में बाल स्कूल मंडी और कन्या स्कूल मंडी के विद्यार्थियों, आईटीआई मंडी के प्रशिक्षुओं के अतिरिक्त अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षुओं ने हाथों में भूकंप से बचाव के उपायों की जानकारी देती हुईं तख्तियां ली थीं। जन-जन को समझाना है, भूकंप रोधी मकान बनाना है। जिम्मेदारी निभाएं, सुरक्षित निर्माण करवाने के नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मार्च को रवाना करने से पहले अधिकारियों, कर्मचारियों और मार्च में शामिल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भूकंप को न रोका जा सकता है और न ही इसके होने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। सुरक्षित भवन निर्माण ही भूकंप से हमें बचा सकता है। इसलिए हमें अपने घरों का निर्माण भूकंपरोधी तरीके से ही करना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा जिले में आए भूकंप से करीब 20,000 लोगों की जानें गई थीं और एक लाख मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। संवाद
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डीसी ने दिखाई हरी झंडी, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी और नेहरू युवा केंद्र की ओर से कांगड़ा भूकंप त्रासदी (1905) की 120वीं वर्षगांठ पर नागरिक एकजुटता मार्च निकाला गया। एकजुटता मार्च उपायुक्त कार्यालय से सेरी मंच होते हुए आईटीआई चौक तक तथा वापस इंदिरा मार्केट का चक्कर लगाता हुआ सेरी मंच पर संपन्न हुआ।
उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपूर्व देवगन ने मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मार्च में बाल स्कूल मंडी और कन्या स्कूल मंडी के विद्यार्थियों, आईटीआई मंडी के प्रशिक्षुओं के अतिरिक्त अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षुओं ने हाथों में भूकंप से बचाव के उपायों की जानकारी देती हुईं तख्तियां ली थीं। जन-जन को समझाना है, भूकंप रोधी मकान बनाना है। जिम्मेदारी निभाएं, सुरक्षित निर्माण करवाने के नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।
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उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मार्च को रवाना करने से पहले अधिकारियों, कर्मचारियों और मार्च में शामिल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भूकंप को न रोका जा सकता है और न ही इसके होने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। सुरक्षित भवन निर्माण ही भूकंप से हमें बचा सकता है। इसलिए हमें अपने घरों का निर्माण भूकंपरोधी तरीके से ही करना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा जिले में आए भूकंप से करीब 20,000 लोगों की जानें गई थीं और एक लाख मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। संवाद
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