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मारपीट प्रकरण : वार्डन को आगामी आदेश तक पद से हटाया
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मंडी। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी परिसर से लौटते हुए हुई दो युवकों से हुई मारपीट के मामले में छात्र संगठनों के बीच मारपीट का विवाद गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) आमने-सामने आ गए हैं। इस बीच कॉलेज प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कन्या छात्रावास की वार्डन को आगामी आदेश तक पद से हटाकर कार्यभार दूसरे को सौंप दिया है।
इस मामले में वल्लभ कॉलेज मंडी की सात सदस्यीय एडवाइजरी कमेटी मामले में जांच पड़ताल करते हुए तथ्य जुटाएगी। कमेटी शिकायत, उपलब्ध रिकॉर्ड और पुलिस से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी। इसमें यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि शिकायतकर्ता और संबंधित युवक कॉलेज के विद्यार्थी हैं या नहीं, घटना कहां हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
उधर, एबीवीपी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विशाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसएफआई मामले को लेकर गलत नैरेटिव बना रही है। उन्होंने कहा कि एसएफआई के राज्य सचिव के साथ मारपीट होने की बात कही जा रही है, लेकिन घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिषद ने अपने तीन कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग भी उठाई है।
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विशाल ठाकुर ने कॉलेज परिसर में एसएफआई पदाधिकारियों के पहुंचने के समय और उनके वहां जाने के उद्देश्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कन्या छात्रावास की वार्डन पर एसएफआई कार्यकर्ताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उधर, एसएफआई के जिला सचिव दीपक ने एबीवीपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिषद मामले को राजनीतिक रंग दे रही है। उनके अनुसार, युवक अपने रिश्तेदार से मिलने गए थे और उन पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया।
बता दें कि बीते शनिवार शाम को वल्लभ कॉलेज से लौट रहे दो युवकों के साथ मारपीट के आरोप एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लगे थे। इस संबंध में सदर पुलिस थाना मंडी में प्राथमिकी दर्ज है। अब मामला गरमा गया है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने यह मामला उनके समक्ष लाया है। जांच पूरी होने तक निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से वार्डन को पद से हटाकर उनका कार्यभार दूसरे व्यक्ति को सौंपा गया है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-संजीव कुमार, प्राचार्य, वल्लभ कॉलेज मंडी
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इस मामले में वल्लभ कॉलेज मंडी की सात सदस्यीय एडवाइजरी कमेटी मामले में जांच पड़ताल करते हुए तथ्य जुटाएगी। कमेटी शिकायत, उपलब्ध रिकॉर्ड और पुलिस से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी। इसमें यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि शिकायतकर्ता और संबंधित युवक कॉलेज के विद्यार्थी हैं या नहीं, घटना कहां हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
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उधर, एबीवीपी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विशाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसएफआई मामले को लेकर गलत नैरेटिव बना रही है। उन्होंने कहा कि एसएफआई के राज्य सचिव के साथ मारपीट होने की बात कही जा रही है, लेकिन घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिषद ने अपने तीन कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग भी उठाई है।
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विशाल ठाकुर ने कॉलेज परिसर में एसएफआई पदाधिकारियों के पहुंचने के समय और उनके वहां जाने के उद्देश्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कन्या छात्रावास की वार्डन पर एसएफआई कार्यकर्ताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उधर, एसएफआई के जिला सचिव दीपक ने एबीवीपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिषद मामले को राजनीतिक रंग दे रही है। उनके अनुसार, युवक अपने रिश्तेदार से मिलने गए थे और उन पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया।
बता दें कि बीते शनिवार शाम को वल्लभ कॉलेज से लौट रहे दो युवकों के साथ मारपीट के आरोप एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लगे थे। इस संबंध में सदर पुलिस थाना मंडी में प्राथमिकी दर्ज है। अब मामला गरमा गया है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने यह मामला उनके समक्ष लाया है। जांच पूरी होने तक निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से वार्डन को पद से हटाकर उनका कार्यभार दूसरे व्यक्ति को सौंपा गया है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-संजीव कुमार, प्राचार्य, वल्लभ कॉलेज मंडी