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Mandi News: मिट्टी से क्रॉकरी तैयार कर रहे बिलासपुर के अरुण
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मंडी। बिलासपुर जिले के अरुण गुलेरिया न केवल पारंपरिक कला को नया जीवन दे रहे हैं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। मिट्टी से क्रॉकरी तैयार कर वह यह संदेश दे रहे हैं कि मिट्टी के बर्तन किसी भी तरह से चीनी क्रॉकरी से कमतर नहीं, बल्कि कई मायनों में बेहतर हैं।
अरुण गुलेरिया देशभर में अपनी तैयार की गई मिट्टी की क्रॉकरी की सप्लाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनके काम को देखने और समझने के लिए विदेशी नागरिक भी पहुंच रहे हैं। लाइव डेमो के जरिए लोगों को पूरी निर्माण प्रक्रिया दिखाते हैं। वह मंडी में अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान सजे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के स्टॉल में अपना हुनर दिखा रहे हैं।
अरुण का दावा है कि मिट्टी में प्राकृतिक रूप से 16 प्रकार के तत्व मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। बताया कि मिट्टी की एक क्रॉकरी तैयार करने में 20 से 25 दिन का समय लगता है। 20 सालों से यह कार्य कर रहे अरुण का मानना है कि यदि लोगों को सही जानकारी मिले तो वे दोबारा मिट्टी के बर्तनों की ओर लौटेंगे।
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एमएसएमई की ओर से मेले में विश्वकर्मा योजना के तहत 76 स्टाॅल लगाए गए हैं। इसमें 76 कारीगरों को खुद निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए एक मंच मुहैया करवाया है। उधर, एमएसएमई विकास कार्यालय सोलन के प्रमुख अशोक कुमार गौतम ने बताया कि यह प्रदर्शनी एवं बिक्री दो दिन की थी लेकिन अब इसे एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। संवाद
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अरुण गुलेरिया देशभर में अपनी तैयार की गई मिट्टी की क्रॉकरी की सप्लाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनके काम को देखने और समझने के लिए विदेशी नागरिक भी पहुंच रहे हैं। लाइव डेमो के जरिए लोगों को पूरी निर्माण प्रक्रिया दिखाते हैं। वह मंडी में अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान सजे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के स्टॉल में अपना हुनर दिखा रहे हैं।
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अरुण का दावा है कि मिट्टी में प्राकृतिक रूप से 16 प्रकार के तत्व मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। बताया कि मिट्टी की एक क्रॉकरी तैयार करने में 20 से 25 दिन का समय लगता है। 20 सालों से यह कार्य कर रहे अरुण का मानना है कि यदि लोगों को सही जानकारी मिले तो वे दोबारा मिट्टी के बर्तनों की ओर लौटेंगे।
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एमएसएमई की ओर से मेले में विश्वकर्मा योजना के तहत 76 स्टाॅल लगाए गए हैं। इसमें 76 कारीगरों को खुद निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए एक मंच मुहैया करवाया है। उधर, एमएसएमई विकास कार्यालय सोलन के प्रमुख अशोक कुमार गौतम ने बताया कि यह प्रदर्शनी एवं बिक्री दो दिन की थी लेकिन अब इसे एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। संवाद