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Mandi News: ओलावृष्टि से तबाह हुईं सेब, मटर और गेहूं की फसलें
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बालीचौकी के ऊपरी इलाकों में 15 मिनट तक बरसे ओले
बागानों और खेतों में बिछी सफेद चादर
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। जिले में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, जबकि ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों को नुकसान हुआ है। बालीचौकी क्षेत्र की सपेहनी धार, चुंजवाला धार और सोमगाड़ सहित कई इलाकों में तेज ओलावृष्टि से सेब, मटर और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। निचले क्षेत्रों में जहां झमाझम बारिश हुई, वहीं ऊपरी इलाकों में तेज हवाओं के साथ लगभग 15 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। ओलावृष्टि के कारण खेतों और बागानों में बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। मई में दूसरी बार हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। प्रभावित किसानों कौर सिंह, लाल सिंह और काहन सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि से सेब के छोटे फल झड़कर गिर गए हैं तथा पेड़ों की पत्तियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं, मटर और गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। किसानों का कहना है कि लगातार दूसरी बार हुई ओलावृष्टि से अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए और किसानों को शीघ्र राहत राशि प्रदान की जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है। उधर, तहसीलदार बालीचौकी निधि सकलानी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संबंधित क्षेत्रों के पटवारियों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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बागानों और खेतों में बिछी सफेद चादर
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। जिले में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, जबकि ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों को नुकसान हुआ है। बालीचौकी क्षेत्र की सपेहनी धार, चुंजवाला धार और सोमगाड़ सहित कई इलाकों में तेज ओलावृष्टि से सेब, मटर और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। निचले क्षेत्रों में जहां झमाझम बारिश हुई, वहीं ऊपरी इलाकों में तेज हवाओं के साथ लगभग 15 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। ओलावृष्टि के कारण खेतों और बागानों में बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। मई में दूसरी बार हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। प्रभावित किसानों कौर सिंह, लाल सिंह और काहन सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि से सेब के छोटे फल झड़कर गिर गए हैं तथा पेड़ों की पत्तियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं, मटर और गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। किसानों का कहना है कि लगातार दूसरी बार हुई ओलावृष्टि से अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए और किसानों को शीघ्र राहत राशि प्रदान की जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है। उधर, तहसीलदार बालीचौकी निधि सकलानी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संबंधित क्षेत्रों के पटवारियों से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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