{"_id":"683761c93321ee0f6c0993db","slug":"ambulance-workers-roared-outside-dc-office-took-out-a-rally-and-raised-slogans-mandi-news-c-90-1-mnd1001-157527-2025-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: डीसी दफ्तर के बाहर गरजे एंबुलेंस कर्मी, रैल्ाी निकाल की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: डीसी दफ्तर के बाहर गरजे एंबुलेंस कर्मी, रैल्ाी निकाल की नारेबाजी
Thu, 29 May 2025 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 29 May 2025 12:49 AM IST
विज्ञापन
मंडी में108 व 102 एम्बुलेंस कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यलय के बाहर धरना प्रदर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले शहर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने रैली निकाल कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, एंबुलेंस यूनियन के जिला संयोजक सुमित कपूर ने किया।
कर्मचारियों के समर्थन में रेहड़ी-फड़ी और फोरलेन वर्कर यूनियन ने भी भाग लिया। जिला में 31 लोकेशन में एंबुलेंस सुविधा है। इसमें 163 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनमें 71 पायलट 80 इमरजेंसी मेडिसिन तकनीशियन शामिल हैं।
इस मौके पर सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में सैकड़ों कर्मचारी मुख्य नियोक्ता एनएचएम के तहत मेडस्वेन फाउंडेशन कंपनी के जरिये काम कर रहे हैं। जिनमें पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता है।
विज्ञापन
इन कर्मचारियों से बारह घंटे ड्यूटी करवाई जाती है। लेकिन इन्हें ओवरटाइम वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है। हाईकोर्ट, लेबर कोर्ट, सीजेएस कोर्ट और श्रम विभाग ने दिशा निर्देश को कंपनी लागू नहीं करती है। यही नहीं जिन कर्मचारियों ने यूनियन के माध्यम से अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन कर्मचारियों को नियमानुसार और जरूरत के अनुसार अवकाश नहीं मिलता है। ईपीएफ और ईएसआई योजना के तहत सुविधा नहीं दी जाती है। कंपनी श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन कर रही है और कर्मचारियों का शोषण कर रही है। मेडस्वेन फाउंडेशन से पहले यह सभी कर्मचारी जीवीके-इएमआरआई कंपनी के माध्यम से राष्ट्रीय हेल्थ मिशन में कार्यरत थे लेकिन कंपनी बदलने पर पहले तो इन्हें निकाल दिया था लेकिन सीटू से जुड़ने के बाद और आंदोलन करने पर इन्हें ही कंपनी ने दोबारा नौकरी पर रख दिया था लेकिन उन्हें छंटनी भत्ता, ग्रेच्यूटी, नोटिस पे व अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई गई हैं।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यूनियन की ओर से दिए गए डिमांड चार्टर को आज की हड़ताल के बाद भी लागू नहीं किया गया तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए मजबूर होगी।
विज्ञापन
मंडी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले शहर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने रैली निकाल कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, एंबुलेंस यूनियन के जिला संयोजक सुमित कपूर ने किया।
कर्मचारियों के समर्थन में रेहड़ी-फड़ी और फोरलेन वर्कर यूनियन ने भी भाग लिया। जिला में 31 लोकेशन में एंबुलेंस सुविधा है। इसमें 163 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनमें 71 पायलट 80 इमरजेंसी मेडिसिन तकनीशियन शामिल हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में सैकड़ों कर्मचारी मुख्य नियोक्ता एनएचएम के तहत मेडस्वेन फाउंडेशन कंपनी के जरिये काम कर रहे हैं। जिनमें पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता है।
विज्ञापन
इन कर्मचारियों से बारह घंटे ड्यूटी करवाई जाती है। लेकिन इन्हें ओवरटाइम वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है। हाईकोर्ट, लेबर कोर्ट, सीजेएस कोर्ट और श्रम विभाग ने दिशा निर्देश को कंपनी लागू नहीं करती है। यही नहीं जिन कर्मचारियों ने यूनियन के माध्यम से अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन कर्मचारियों को नियमानुसार और जरूरत के अनुसार अवकाश नहीं मिलता है। ईपीएफ और ईएसआई योजना के तहत सुविधा नहीं दी जाती है। कंपनी श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन कर रही है और कर्मचारियों का शोषण कर रही है। मेडस्वेन फाउंडेशन से पहले यह सभी कर्मचारी जीवीके-इएमआरआई कंपनी के माध्यम से राष्ट्रीय हेल्थ मिशन में कार्यरत थे लेकिन कंपनी बदलने पर पहले तो इन्हें निकाल दिया था लेकिन सीटू से जुड़ने के बाद और आंदोलन करने पर इन्हें ही कंपनी ने दोबारा नौकरी पर रख दिया था लेकिन उन्हें छंटनी भत्ता, ग्रेच्यूटी, नोटिस पे व अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई गई हैं।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यूनियन की ओर से दिए गए डिमांड चार्टर को आज की हड़ताल के बाद भी लागू नहीं किया गया तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए मजबूर होगी।