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अद्भुत दिखती है नलसर झील, पर सरकार का ध्यान नहीं

Sun, 10 Jul 2016 05:40 PM IST
मंडी
मंडी Updated Sun, 10 Jul 2016 05:40 PM IST
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amaging nalsar jeel but govt not take any action
एेसी ‌द‌िखती है नलसर झील। - फोटो : अमर उजाला

मंडी। जिला मंडी की बल्ह घाटी के गांव नलसर में प्राचीन नलसर झील आज तक पर्यटन की दृष्टि से विकसित नहीं हो पाई है। इन दिनों तक झील में कमल के फूल खिलने और हरियाली से अद्भुत नजारा दिखता है। बल्ह की नलसर पंचायत भी इसी झील के नाम से नामांकित है। करीब 57 बीघा यानी 45600 वर्ग मीटर में फैली नलसर झील इन दिनों कमल के फूलों से गुलजार है। पूरी झील में कुदरती कमल के फूल अपनी छटा बिखेर रहे हैं। मंडी से बग्गी वाया गागल नलसर से होकर गुजरने वाले झील के नजारे को निहारते हैं। किसी समय मत्स्य पालन के लिए प्रसिद्ध रही इस झील के बारे में बताया जाता है कि इसका संबंध राजा नल से रहा है।

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उनके द्वारा इसका निर्माण किए जाने से ही इसे नलसर का नाम मिला है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस झील का सौंदर्यीकरण किया जाए तो जिला का सबसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट बन सकता है। ऐसा होने से स्थानीय लोगों को बड़ी तादाद में स्वरोजगार भी मिल सकता है। नलसर पंचायत के प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि 4 लाख की लागत से झील के चारों ओर पत्थरों की दीवार से लाइनिंग की जा रही है। बाकी 4 लाख मिल जाने से काम को आगे जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पैसा कम है, क्योंकि यह झील बहुत बड़े दायरे में है और पत्थरों की दीवार के साथ इसमें रेलिंग भी लगाई जानी प्रस्तावित है। पहले यहां पर मत्स्य पालन के लिए पंचायत हर तीन साल के लिए इसे लीज पर देती थी मगर अब यह बंद है क्योंकि इसे अब मत्स्य पालन के लिए नहीं बल्कि पर्यटकों के आकर्षण को देखते हुए बनाया जाना है।
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  इस बारे में पर्यटन विभाग के उपनिदेशक मंडी नीरज गुप्ता का कहना है कि नलसर झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का मामला ध्यान में है। झील के चारों ओर नरम मिट्टी को थामने के लिए एक योजना बनाई गई है, जिसके लिए आठ लाख स्वीकृत किए गए हैं। विकास खंड अधिकारी बल्ह के माध्यम से यह काम पंचायत द्वारा करवाया जा रहा है। 4 लाख की राशि दे दी गई है। चार लाख रुपये और दिए जाने हैं।

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