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Mandi News: विजेताओं को दरकिनार कर चहेतों के चयन का आरोप
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बालीचौकी (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र के खौली में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित अंडर-14 छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता विवादों के घेरे में आ गई है। बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली होनहार छात्राओं को छोड़ उनके स्थान पर अध्यापकों की ओर से अपने चहेतों और रिश्तेदारों का चयन जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए करने का आरोप लगा है। अध्यापकों के इस पक्षपातपूर्ण रवैये से आक्रोशित अभिभावकों ने कार्रवाई की मांग की है।
शारटी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के पूर्व एसएमसी अध्यक्ष हेम राज, ठाकर दास, टहल सिंह, केसर सिंह और वर्तमान एसएमसी अध्यक्ष हंस राज सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उनकी पाठशाला की तीन छात्राओं ने बैडमिंटन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का खिताब अपने नाम किया था। आरोप है कि इसके बावजूद खेल अध्यापकों ने विजेता बेटियों को दरकिनार कर अपनी पसंद और रिश्तेदारी के आधार पर अन्य बच्चों के नाम जिला स्तरीय चयन सूची में शामिल कर दिए।
अभिभावकों ने गहरा रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह का भेदभाव न केवल प्रतिभावान खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की निष्ठा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों व अभिभावकों ने जिला उपायुक्त से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और चयन प्रक्रिया में धांधली करने वाले अधिकारियों व अध्यापकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय न मिला तो वे मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
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खौली पाठशाला के मुख्याध्यापक यशपाल ने कहा कि पैनल के सभी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाएगा। मामले को लेकर जांच की जाएगी। किसी भी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।
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शारटी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के पूर्व एसएमसी अध्यक्ष हेम राज, ठाकर दास, टहल सिंह, केसर सिंह और वर्तमान एसएमसी अध्यक्ष हंस राज सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उनकी पाठशाला की तीन छात्राओं ने बैडमिंटन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का खिताब अपने नाम किया था। आरोप है कि इसके बावजूद खेल अध्यापकों ने विजेता बेटियों को दरकिनार कर अपनी पसंद और रिश्तेदारी के आधार पर अन्य बच्चों के नाम जिला स्तरीय चयन सूची में शामिल कर दिए।
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अभिभावकों ने गहरा रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह का भेदभाव न केवल प्रतिभावान खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की निष्ठा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों व अभिभावकों ने जिला उपायुक्त से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और चयन प्रक्रिया में धांधली करने वाले अधिकारियों व अध्यापकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय न मिला तो वे मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
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खौली पाठशाला के मुख्याध्यापक यशपाल ने कहा कि पैनल के सभी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाएगा। मामले को लेकर जांच की जाएगी। किसी भी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।