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Mandi News: नए कानून के तहत काम चलाने के लिए सभी थाने सक्षम, उपकरणों की है जरूरत
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जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण,लोगों को किया जा रहा जागरूक
कंप्यूटर, टैब, मेमोरी डिवाइस समेत अन्य कई तरह की मांग का किया जा रहा आकलन
कुछ मामलों में प्रदेश सरकार से अधिसूचना जारी होने के बाद ही शुरू हो पाएगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। देश में नए कानून लागू हो गए हैं। आपराधिक प्रक्रिया में जिले में भी इन कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है। जिले के पुलिस अधिकारियों और जवानों को इन नए कानूनों को लेकर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हालांकि फिलहाल आधारभूत संरचना की कमी है, इसे पूरा करने के लिए प्रक्रिया जारी है। जरूरत वाले उपकरणों की मांग को लेकर आकलन किया जा रहा है। इसे पुलिस मुख्यालय शिमला को भेजा जाएगा।
जिले के सभी 15 पुलिस थानों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू कर काम चलाने लायक संसाधन उपलब्ध हैं। हालांकि सभी चीजें सुचारु और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए अभी कई संसाधनों की जरूरत है। एप से वीडियोग्राफी प्रावधान के लिए टैब, कोर्ट में वीडियो और ऑडियो जमा करवाने के लिए मेमोरी स्टोरज को पैन ड्राइव, कार्ड समेत अन्य छोटे-छोटे उपकरण बल्क स्तर पर उपलब्ध होना बाकी हैं। फिलहाल इन नए कानूनों के तहत काम करना शुरू हो गया है। जिले में नए कानून के तहत पहला मुकदमा भी धनोटू पुलिस थाना में दर्ज किया गया है।
उधर, नए कानूनों के तहत कुछ प्रावधानों के अनुसार फिलहाल कार्य नहीं हो पाया है। इन कार्यों को करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी होना जरूरी है। नए कानून के प्रावधान के अनुसार कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां पुलिस अधिकारियों को दी गई हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल फिलहाल पुलिस अधिकारी बिना अधिसूचना जारी हुए नहीं कर पाएंगे।
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बता दें कि जिले में कुल 15 पुलिस थानों मंडी सदर, कोटली, औट, पधर, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, हटली, धर्मपुर, गोहर, जंजैहली, करसोग, सुंदरनगर, बीएसएल, बल्ह, मंडी स्थित महिला पुलिस थाना शामिल हैं। इन सभी थानों में कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है। नए कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्य करने के लिए प्रशिक्षण हो चुका है। इसी के तहत अब धरातल पर काम शुरू हो पाया है।
उधर, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि नए कानूनों के प्रावधानों के अनुसार काम शुरू हो गया है। सभी पुलिस थाने इन प्रावधानों के अनुसार कार्य के लिए सक्षम हैं। जिन उपकरणों की कमी है, उन्हें पूरा करने के लिए पुलिस मुख्यालय को मांग भेजी जा रही है।
बॉक्स
पुराने तरीके से ही जुटाए साक्ष्य
नए कानून के प्रावधानों के अनुसार एविडेंस वीडियो और ऑडियो फारमेट में भी होंगे। ई-साक्ष्य एप से यह सब कार्य होगा। फिलहाल यह एप सिंक्रनाइज हो रही है। ऐसे में पहली जुलाई यानी सोमवार को पुराने तरीके से ही साक्ष्य जुटाए। एप सिंक्रनाइज होने के बाद पुलिस जवान फिलहाल अपने फोन से ही इसे चलाएंगे।
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कंप्यूटर, टैब, मेमोरी डिवाइस समेत अन्य कई तरह की मांग का किया जा रहा आकलन
कुछ मामलों में प्रदेश सरकार से अधिसूचना जारी होने के बाद ही शुरू हो पाएगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। देश में नए कानून लागू हो गए हैं। आपराधिक प्रक्रिया में जिले में भी इन कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है। जिले के पुलिस अधिकारियों और जवानों को इन नए कानूनों को लेकर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हालांकि फिलहाल आधारभूत संरचना की कमी है, इसे पूरा करने के लिए प्रक्रिया जारी है। जरूरत वाले उपकरणों की मांग को लेकर आकलन किया जा रहा है। इसे पुलिस मुख्यालय शिमला को भेजा जाएगा।
जिले के सभी 15 पुलिस थानों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू कर काम चलाने लायक संसाधन उपलब्ध हैं। हालांकि सभी चीजें सुचारु और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए अभी कई संसाधनों की जरूरत है। एप से वीडियोग्राफी प्रावधान के लिए टैब, कोर्ट में वीडियो और ऑडियो जमा करवाने के लिए मेमोरी स्टोरज को पैन ड्राइव, कार्ड समेत अन्य छोटे-छोटे उपकरण बल्क स्तर पर उपलब्ध होना बाकी हैं। फिलहाल इन नए कानूनों के तहत काम करना शुरू हो गया है। जिले में नए कानून के तहत पहला मुकदमा भी धनोटू पुलिस थाना में दर्ज किया गया है।
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उधर, नए कानूनों के तहत कुछ प्रावधानों के अनुसार फिलहाल कार्य नहीं हो पाया है। इन कार्यों को करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी होना जरूरी है। नए कानून के प्रावधान के अनुसार कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां पुलिस अधिकारियों को दी गई हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल फिलहाल पुलिस अधिकारी बिना अधिसूचना जारी हुए नहीं कर पाएंगे।
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बता दें कि जिले में कुल 15 पुलिस थानों मंडी सदर, कोटली, औट, पधर, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट, हटली, धर्मपुर, गोहर, जंजैहली, करसोग, सुंदरनगर, बीएसएल, बल्ह, मंडी स्थित महिला पुलिस थाना शामिल हैं। इन सभी थानों में कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है। नए कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्य करने के लिए प्रशिक्षण हो चुका है। इसी के तहत अब धरातल पर काम शुरू हो पाया है।
उधर, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि नए कानूनों के प्रावधानों के अनुसार काम शुरू हो गया है। सभी पुलिस थाने इन प्रावधानों के अनुसार कार्य के लिए सक्षम हैं। जिन उपकरणों की कमी है, उन्हें पूरा करने के लिए पुलिस मुख्यालय को मांग भेजी जा रही है।
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पुराने तरीके से ही जुटाए साक्ष्य
नए कानून के प्रावधानों के अनुसार एविडेंस वीडियो और ऑडियो फारमेट में भी होंगे। ई-साक्ष्य एप से यह सब कार्य होगा। फिलहाल यह एप सिंक्रनाइज हो रही है। ऐसे में पहली जुलाई यानी सोमवार को पुराने तरीके से ही साक्ष्य जुटाए। एप सिंक्रनाइज होने के बाद पुलिस जवान फिलहाल अपने फोन से ही इसे चलाएंगे।