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अधिवक्ताओं को भी चिकित्सा बीमा योजना में किया जाए शामिल : ठाकुर
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मंडी। मंडी के अधिवक्ताओं ने चिकित्सा बीमा योजना को लेकर एक ज्ञापन बुधवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को उपायुक्त मंडी के माध्यम से सौंपा। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि उन्हें चिकित्सा बीमा योजना में शामिल किया जाए।
अभी तक किसी भी योजना में शामिल नहीं किया गया है। चिकित्सा बीमा उन्हें जहां सुरक्षा दे सकता है, वहीं जरूरत के समय उनकी सहायता भी कर सकता है। लिहाजा अधिवक्ताओं को चिकित्सा बीमा योजना में लाया जाए। प्रधान डीके ठाकुर, उपाध्यक्ष दीपक ठाकुर, दिनेश शर्मा, पुष्पराज शर्मा, भूपेश ठाकुर, नील पाठक, महिला अध्यक्ष मंडी इकाई, पारस वैद्य, विकास शर्मा, लोकेंद्र कुटलैहड़िया, प्रदीप परमार भी शामिल रहे। प्रधान डीके ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जितनी भी योजनाएं शुरू की हैं उनका फायदा उन्हें नहीं मिल रहा है।
किसी भी योजना से अधिवक्ताओं को अब तक न तो राज्य सरकारों ने और न ही केंद्र सरकार ने लाभ दिया है। उन्होंने कहा कि पीएफ और ईएसआई जैसी स्कीमों से भी उन्हें वंचित रखा गया है। लिहाजा अब पूरे प्रदेश और देश में चिकित्सा बीमा योजना को लेकर वकील केंद्र सरकार से पहले भी आग्रह कर चुके हैं और अब भी ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से चिकित्सा बीमा योजना में लाने के लिए आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें चिकित्सा बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया तो वे अगली रणनीति तैयार करेंगे।
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अभी तक किसी भी योजना में शामिल नहीं किया गया है। चिकित्सा बीमा उन्हें जहां सुरक्षा दे सकता है, वहीं जरूरत के समय उनकी सहायता भी कर सकता है। लिहाजा अधिवक्ताओं को चिकित्सा बीमा योजना में लाया जाए। प्रधान डीके ठाकुर, उपाध्यक्ष दीपक ठाकुर, दिनेश शर्मा, पुष्पराज शर्मा, भूपेश ठाकुर, नील पाठक, महिला अध्यक्ष मंडी इकाई, पारस वैद्य, विकास शर्मा, लोकेंद्र कुटलैहड़िया, प्रदीप परमार भी शामिल रहे। प्रधान डीके ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जितनी भी योजनाएं शुरू की हैं उनका फायदा उन्हें नहीं मिल रहा है।
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किसी भी योजना से अधिवक्ताओं को अब तक न तो राज्य सरकारों ने और न ही केंद्र सरकार ने लाभ दिया है। उन्होंने कहा कि पीएफ और ईएसआई जैसी स्कीमों से भी उन्हें वंचित रखा गया है। लिहाजा अब पूरे प्रदेश और देश में चिकित्सा बीमा योजना को लेकर वकील केंद्र सरकार से पहले भी आग्रह कर चुके हैं और अब भी ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से चिकित्सा बीमा योजना में लाने के लिए आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें चिकित्सा बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया तो वे अगली रणनीति तैयार करेंगे।
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