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दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल कठोर कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नाबालिग से दुष्कर्म का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।
अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश पंकज शर्मा की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने इसको लेकर फैसला सुनाया। निहरी तहसील के आरोपी तोता राम के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत अभियोग साबित होने पर दस-दस साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी के निश्चित समय में जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विशेष लोक अभियोजक वीके चौधरी ने बताया कि घटना वाले दिन पीड़ित लड़की ताई के घर गई थी। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटी तो उसकी मां ने उसके पिता को सूचना दी। पिता ने रिश्तेदारों के साथ उसकी तलाश की। उसका कोई पता न चलने पर 22 फरवरी, 2018 को निहरी चौकी में रपट दर्ज करवाई।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अन्वेषण अधिकारी पुष्प देव की अगुवाई में पुलिस ने पीड़िता और आरोपी को 24 फरवरी को कोलथी जंगल से पकड़ा। पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था।
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अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए। अदालत ने कहा कि आरोपी पर नाबालिग से दुष्कर्म का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते उसे कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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मंडी। नाबालिग से दुष्कर्म का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।
अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश पंकज शर्मा की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने इसको लेकर फैसला सुनाया। निहरी तहसील के आरोपी तोता राम के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत अभियोग साबित होने पर दस-दस साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी के निश्चित समय में जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विशेष लोक अभियोजक वीके चौधरी ने बताया कि घटना वाले दिन पीड़ित लड़की ताई के घर गई थी। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटी तो उसकी मां ने उसके पिता को सूचना दी। पिता ने रिश्तेदारों के साथ उसकी तलाश की। उसका कोई पता न चलने पर 22 फरवरी, 2018 को निहरी चौकी में रपट दर्ज करवाई।
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प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अन्वेषण अधिकारी पुष्प देव की अगुवाई में पुलिस ने पीड़िता और आरोपी को 24 फरवरी को कोलथी जंगल से पकड़ा। पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था।
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अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए। अदालत ने कहा कि आरोपी पर नाबालिग से दुष्कर्म का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते उसे कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई।