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Mandi News: भेड़ों की खरीद का भुगतान न करने पर आरोपी दोषी करार, 100 रुपये जुर्माना
Thu, 06 Nov 2025 06:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 06 Nov 2025 06:55 AM IST
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मंडी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंडी की अदालत ने एक चेक बाउंस मामले में आरोपी नरोत्तम राम को दोषी करार दिया है। दोषी करार होने पर पूरी राशि लौटाने के बाद अदालत ने सजा में नरमी बरती है। अदालत ने 100 रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।
मामले के तथ्यों के अनुसार वर्ष 2020 में शिकायतकर्ता गोविंद राम निवासी लिहर देउरी तहसील सदर ने आरोपी नरोत्तम राम निवासी कुफरी कटौला पर भुगतान न करने का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने 29 भेड़ें 1.50 लाख रुपये में खरीदीं। मौके पर 1 लाख रुपये नकद दिए जबकि शेष 50 हजार रुपये के लिए चेक जारी किया। जब शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में प्रस्तुत किया तो 25 अगस्त 2020 को अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ वापस हो गया। इसके बाद 23 सितंबर 2020 को रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा कानूनी नोटिस भेजा गया, जिसकी प्राप्ति 26 सितंबर 2020 को दर्ज हुई, बावजूद इसके आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी ने माना कि उसने भेड़ें खरीदी थीं लेकिन दावा किया कि उसने पूरा भुगतान बाद में कर दिया था और चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था। मगर अदालत ने पाया कि न तो आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर सका और न ही कथित भुगतान के गवाह को पेश किया। निर्णय सुनाए जाने के बाद नरोत्तम ने पूरी राशि शिकायतकर्ता को अदा कर दी। इस पर शिकायतकर्ता ने भी नरमी बरतने की अपील की। मामले के मद्देनजर अदालत ने केवल 100 रुपये का जुर्माना लगाया। इसे जमा भी करवा दिया गया।
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मामले के तथ्यों के अनुसार वर्ष 2020 में शिकायतकर्ता गोविंद राम निवासी लिहर देउरी तहसील सदर ने आरोपी नरोत्तम राम निवासी कुफरी कटौला पर भुगतान न करने का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने 29 भेड़ें 1.50 लाख रुपये में खरीदीं। मौके पर 1 लाख रुपये नकद दिए जबकि शेष 50 हजार रुपये के लिए चेक जारी किया। जब शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में प्रस्तुत किया तो 25 अगस्त 2020 को अपर्याप्त धनराशि की टिप्पणी के साथ वापस हो गया। इसके बाद 23 सितंबर 2020 को रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा कानूनी नोटिस भेजा गया, जिसकी प्राप्ति 26 सितंबर 2020 को दर्ज हुई, बावजूद इसके आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
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अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी ने माना कि उसने भेड़ें खरीदी थीं लेकिन दावा किया कि उसने पूरा भुगतान बाद में कर दिया था और चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था। मगर अदालत ने पाया कि न तो आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर सका और न ही कथित भुगतान के गवाह को पेश किया। निर्णय सुनाए जाने के बाद नरोत्तम ने पूरी राशि शिकायतकर्ता को अदा कर दी। इस पर शिकायतकर्ता ने भी नरमी बरतने की अपील की। मामले के मद्देनजर अदालत ने केवल 100 रुपये का जुर्माना लगाया। इसे जमा भी करवा दिया गया।
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