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Mandi News: एबीवीपी ने बेरोजगारी के खिलाफ किया जूता पॉलिश प्रदर्शन
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उपायुक्त कार्यालय मंडी के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ बेरोजगारी को लेकर नारेबाजी व जूते पॉलिश कर
मंडी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की वल्लभ कॉलेज इकाई ने वीरवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर बेरोजगारी के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक जूता पॉलिश प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और सरकार के अधूरे वादों के विरोध में किया गया। इसका उद्देश्य यह दर्शाना रहा कि बेरोजगारी के चलते युवा किस स्थिति से गुजर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय के बाहर बैठकर लोगों के जूते पॉलिश करते दिखे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार रोजगार उपलब्ध नहीं करवाती है, तो शिक्षित युवाओं को मजबूरीवश छोटे-मोटे काम करने पड़ सकते हैं। इकाई अध्यक्ष करन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में हजारों शिक्षित युवा वर्षों से नौकरी की प्रतीक्षा में भटक रहे हैं। कई भर्तियां लंबे समय से लंबित हैं, कुछ रद्द कर दी गई हैं और कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई है। इससे युवा वर्ग में निराशा बढ़ती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने 5 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है। न नई भर्तियां हो रही हैं, न परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा रही हैं। एबीवीपी पदाधिकारी करन ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज उठाना एबीवीपी की प्राथमिकता है। संवाद
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इकाई मंत्री अमित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति इतनी गंभीर है कि अच्छी शिक्षा और योग्यता के बावजूद युवा अपनी क्षमता के अनुसार रोजगार नहीं पा रहे हैं। कई शिक्षित युवा मजबूरी में छोटे-मोटे कार्य करने को तैयार हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जूता पॉलिश प्रदर्शन किसी व्यक्ति या समुदाय का मजाक नहीं, बल्कि सरकार को युवाओं की बिगड़ती आर्थिक और मानसिक स्थिति से अवगत कराने के लिए किया गया है। एबीवीपी ने मांग की कि सरकार जल्द नई भर्तियां निकाले, लंबित भर्तियों को पूरा करे और भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाए।
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प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता उपायुक्त कार्यालय के बाहर बैठकर लोगों के जूते पॉलिश करते दिखे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार रोजगार उपलब्ध नहीं करवाती है, तो शिक्षित युवाओं को मजबूरीवश छोटे-मोटे काम करने पड़ सकते हैं। इकाई अध्यक्ष करन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में हजारों शिक्षित युवा वर्षों से नौकरी की प्रतीक्षा में भटक रहे हैं। कई भर्तियां लंबे समय से लंबित हैं, कुछ रद्द कर दी गई हैं और कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई है। इससे युवा वर्ग में निराशा बढ़ती जा रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने 5 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है। न नई भर्तियां हो रही हैं, न परीक्षाएं समय पर आयोजित की जा रही हैं। एबीवीपी पदाधिकारी करन ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज उठाना एबीवीपी की प्राथमिकता है। संवाद
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इकाई मंत्री अमित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति इतनी गंभीर है कि अच्छी शिक्षा और योग्यता के बावजूद युवा अपनी क्षमता के अनुसार रोजगार नहीं पा रहे हैं। कई शिक्षित युवा मजबूरी में छोटे-मोटे कार्य करने को तैयार हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जूता पॉलिश प्रदर्शन किसी व्यक्ति या समुदाय का मजाक नहीं, बल्कि सरकार को युवाओं की बिगड़ती आर्थिक और मानसिक स्थिति से अवगत कराने के लिए किया गया है। एबीवीपी ने मांग की कि सरकार जल्द नई भर्तियां निकाले, लंबित भर्तियों को पूरा करे और भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाए।
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