{"_id":"6839f777746b887283003fdd","slug":"a-six-feet-long-urn-will-be-installed-in-the-dome-of-koyla-mata-mandir-mandi-news-c-90-1-mnd1001-157733-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: कोयला माता मंदिर के गुंबद में लगेगा छह फीट लंबा कलश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: कोयला माता मंदिर के गुंबद में लगेगा छह फीट लंबा कलश
Fri, 30 May 2025 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 30 May 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
सुंदरनगर (मंडी)। बल्ह घाटी के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल राजगढ़ में कोयला माता मंदिर की छत पर गुबंद में छह फीट लंबा कलश स्थापित होगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने से पहले शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठान किया गया। कलश स्थापना से पहले जल यात्रा का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र की महिलाओं समेत अन्य लोगों ने भाग लिया। महिलाओं ने बावड़ी से पानी भर कर मंदिर में अर्पित किया। इस अवसर पर कोयला माता का रथ भी अपने मूल मंदिर में पहुंचा। वाद्य यंत्रों की ध्वनि से समूचा परिवेश गुंजायमान हो गया। इससे पहले रात को भक्तों ने जागरण का भी आयोजन किया। शनिवार को हवन की पूर्णाहुति के दौरान कलश की स्थापना की जाएगी। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर राजगढ़ क्षेत्र में पिपलू की पहाड़ी पर माता कोयला का भव्य मंदिर है। मान्यता है कि यहां पर एक चट्टान से लगातार घी बहता रहता था और इसका उपयोग लोग मां की ज्योति जलाने के साथ ही अपने घर में भी करते थे। एक बार एक भेड़-बकरियां चराने वाला चरवाहा इस रास्ते से गुजर रहा था।
चढ़ाई चढ़ने के बाद वह थोड़ी देर आराम के लिए उसी चट्टान के समीप बैठ गया और वहां बैठ कर खाना खाने लगा। फिर उसने अपनी रोटी पर घी लगाने के उद्देश्य से अपनी जूठी रोटी चट्टान पर रगड़ना शुरू कर दिया। जूठन के कारण उसी दिन से चट्टान से घी टपकना बंद हो गया। पहाड़ी पर स्थित माता कोयला मंदिर में आने वाले श्रद्धालु यहां नव दुर्गा के साथ शिव-पार्वती व राधाकृष्ण के भी दर्शन करते हैं।
विज्ञापन
मंदिर प्रबंधन कमेटी ने मंदिर के सुंदरीकरण के तहत नक्काशी कार्य कर इन आकृतियों को उकेरा है। मंदिर प्रबंधन कमेटी के प्रधान प्यारे लाल गुप्ता ने बताया कि कलश स्थापना से पहले हवन आदि का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कलश की स्थापना की जाएगी। इस मौके पर कमेटी के बंटी राणा, ओम चंद रोशन लाल, लीलाधर, चंद्र प्रकाश, योगराज, महिला मंडल राजगढ़ उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर राजगढ़ क्षेत्र में पिपलू की पहाड़ी पर माता कोयला का भव्य मंदिर है। मान्यता है कि यहां पर एक चट्टान से लगातार घी बहता रहता था और इसका उपयोग लोग मां की ज्योति जलाने के साथ ही अपने घर में भी करते थे। एक बार एक भेड़-बकरियां चराने वाला चरवाहा इस रास्ते से गुजर रहा था।
विज्ञापन
चढ़ाई चढ़ने के बाद वह थोड़ी देर आराम के लिए उसी चट्टान के समीप बैठ गया और वहां बैठ कर खाना खाने लगा। फिर उसने अपनी रोटी पर घी लगाने के उद्देश्य से अपनी जूठी रोटी चट्टान पर रगड़ना शुरू कर दिया। जूठन के कारण उसी दिन से चट्टान से घी टपकना बंद हो गया। पहाड़ी पर स्थित माता कोयला मंदिर में आने वाले श्रद्धालु यहां नव दुर्गा के साथ शिव-पार्वती व राधाकृष्ण के भी दर्शन करते हैं।
विज्ञापन
मंदिर प्रबंधन कमेटी ने मंदिर के सुंदरीकरण के तहत नक्काशी कार्य कर इन आकृतियों को उकेरा है। मंदिर प्रबंधन कमेटी के प्रधान प्यारे लाल गुप्ता ने बताया कि कलश स्थापना से पहले हवन आदि का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कलश की स्थापना की जाएगी। इस मौके पर कमेटी के बंटी राणा, ओम चंद रोशन लाल, लीलाधर, चंद्र प्रकाश, योगराज, महिला मंडल राजगढ़ उपस्थित रहे।