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सूखे ने रोका गेहूं की बिजाई का कार्य
Mandi
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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सरकाघाट (मंडी)। सूखे की मार से जिले के किसान गेहूं व मटर आदि फसलों की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। बिजाई में देरी के कारण किसान फसल की पैदावार को लेकर चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर बारिश नहीं होती है तो गैर सिंचित क्षेत्रों में गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
सरकाघाट उपमंडल के साथ जिले में सूखे के कारण फसलों की बिजाई को लेकर गैर सिंचित क्षेत्रों के किसान काफी परेशान हैं। किसानों ने गेहूं, मटर व अन्य फसलों की बिजाई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं, लेकिन खेतों में नमी न होने के कारण किसान बिजाई करने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
उपमंडल के अंतर्गत भदरोता, बैरा, सुरांगा, रसैण, गलू, पपलोग, सधोट, सजाओपिपलू, चोलग, कांगो का गहरा, टिहरा, गद्दीधार, कून, लौंगणी, मंडप व रिस्सा आदि क्षेत्रों के किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। मौसम को देखते हुए फिलहाल बारिश होेने की उम्मीद कम नजर आ रही है। अगर दस-पंद्रह दिनों के भीतर इंद्र देव मेहरबान नहीं हुए तो गेहूं व अन्य फसलों की बिजाई समय पर न होने से किसानों को भारी नुकसान होगा।
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हिमाचल किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष भूप चंद ठाकुर, आईडी प्रेमी, अमर सिंह, अजय, विजय, विशाल व अजय कुमार आदि का कहना है कि मौसम का ऐसा ही हाल रहा तो इस बार गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश न होने के कारण फसलों की बिजाई का कार्य रुका पड़ा है। समय पर बिजाई न होने से फसलों की पैदावार अच्छी नहीं होगी।
इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक डा. एसआर पंत का कहना है कि सरकाघाट उपमंडल में 80 प्रतिशत खेती बारिश के ऊपर निर्भर है। अगर समय रहते बारिश नहीं होती है तो गेहूं व अन्य फसलों की पैदावार पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
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सरकाघाट उपमंडल के साथ जिले में सूखे के कारण फसलों की बिजाई को लेकर गैर सिंचित क्षेत्रों के किसान काफी परेशान हैं। किसानों ने गेहूं, मटर व अन्य फसलों की बिजाई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं, लेकिन खेतों में नमी न होने के कारण किसान बिजाई करने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
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उपमंडल के अंतर्गत भदरोता, बैरा, सुरांगा, रसैण, गलू, पपलोग, सधोट, सजाओपिपलू, चोलग, कांगो का गहरा, टिहरा, गद्दीधार, कून, लौंगणी, मंडप व रिस्सा आदि क्षेत्रों के किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। मौसम को देखते हुए फिलहाल बारिश होेने की उम्मीद कम नजर आ रही है। अगर दस-पंद्रह दिनों के भीतर इंद्र देव मेहरबान नहीं हुए तो गेहूं व अन्य फसलों की बिजाई समय पर न होने से किसानों को भारी नुकसान होगा।
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हिमाचल किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष भूप चंद ठाकुर, आईडी प्रेमी, अमर सिंह, अजय, विजय, विशाल व अजय कुमार आदि का कहना है कि मौसम का ऐसा ही हाल रहा तो इस बार गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश न होने के कारण फसलों की बिजाई का कार्य रुका पड़ा है। समय पर बिजाई न होने से फसलों की पैदावार अच्छी नहीं होगी।
इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक डा. एसआर पंत का कहना है कि सरकाघाट उपमंडल में 80 प्रतिशत खेती बारिश के ऊपर निर्भर है। अगर समय रहते बारिश नहीं होती है तो गेहूं व अन्य फसलों की पैदावार पर इसका प्रभाव पड़ेगा।