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जन्मतिथि बदलकर पाई सरकारी नौकरी
Mandi
Updated Tue, 19 Jun 2012 12:00 PM IST
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मंडी। सरकाघाट के एक व्यक्ति पर धोखाधड़ी से जन्मतिथि बदल कर नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया है। विजिलेंस को मिली शिकायत के बाद की गई जांच में आरोपी के दोषी पाए जाने वाले अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। इस मामले में आरोपी प्रेम चंद पुत्र बजीरा राम निवासी झूईघाट, सरकाघाट के खिलाफ सरकारघाट थाने में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120 बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले विजिलेंस को सरकारघाट के निवासी संतराम ने राज्य सतर्कता एवं एंटी करप्शन ब्यूरो मंडी को इस बात की शिकायत की थी कि प्रेम चंद ने अपनी जन्मतिथि को बदल नौकरी हासिल कर ली है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रेमचंद ने जालसाजी करके आईपीएच विभाग में फिटर की नौकरी प्राप्त की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रेमचंद की असली जन्म तिथि 1943 है, लेकिन पंचायत के सचिव ने परिवार रजिस्टर में स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के आधार पर प्रेम चंद की जन्मतिथि 24-6-1951 दर्ज की है, जोकि गलत है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रेमचंद ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करवाया था और उसके आधार पर ही अपनी जन्मतिथि को बदलवा दिया। इसके बाद विजिलेंस ने इस मामले जांच शुरू की थी। विजिलेंस की जांच में यह सभी आरोप सही पाए गए थे। जांच में विजिलेंस को इस बात के सबूत मिले थे कि प्रेम चंद की असली जन्म तिथि 1943 है और उसने फर्जी तरीके से अपनी जन्मतिथि में बदलाव किया है। विजिलेंस के एसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले के पूरी तरह से जालसाजी के होने के चलते विजिलेंस ने इस मामले को पुलिस को सौंप दिया है। वहीं विजिलेंस की जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है एसपी मंडी अभिषेक दुल्लर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगामी कार्रवाई भी की जा रही है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले विजिलेंस को सरकारघाट के निवासी संतराम ने राज्य सतर्कता एवं एंटी करप्शन ब्यूरो मंडी को इस बात की शिकायत की थी कि प्रेम चंद ने अपनी जन्मतिथि को बदल नौकरी हासिल कर ली है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रेमचंद ने जालसाजी करके आईपीएच विभाग में फिटर की नौकरी प्राप्त की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रेमचंद की असली जन्म तिथि 1943 है, लेकिन पंचायत के सचिव ने परिवार रजिस्टर में स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के आधार पर प्रेम चंद की जन्मतिथि 24-6-1951 दर्ज की है, जोकि गलत है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रेमचंद ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करवाया था और उसके आधार पर ही अपनी जन्मतिथि को बदलवा दिया। इसके बाद विजिलेंस ने इस मामले जांच शुरू की थी। विजिलेंस की जांच में यह सभी आरोप सही पाए गए थे। जांच में विजिलेंस को इस बात के सबूत मिले थे कि प्रेम चंद की असली जन्म तिथि 1943 है और उसने फर्जी तरीके से अपनी जन्मतिथि में बदलाव किया है। विजिलेंस के एसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले के पूरी तरह से जालसाजी के होने के चलते विजिलेंस ने इस मामले को पुलिस को सौंप दिया है। वहीं विजिलेंस की जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है एसपी मंडी अभिषेक दुल्लर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगामी कार्रवाई भी की जा रही है।
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