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बेटी अनमोल योजना से लिंगानुपात घटा
Mandi
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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मंडी। जिला मंडी में एकीकृत बाल विकास परियोजना के तहत 2975 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 89430 बच्चों एवं 16648 माताओं को पूरक पोषाहार योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। उपायुक्त देवेश कुमार ने जिला पूरक पोषाहार योजना की समीक्षा बैठक की। जिले में वर्ष 2008 से अब तक 115 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 58 भवनों का निर्माण किया जा चुका है जिन पर एक करोड़ 44 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने परियोजना से संबंधित अधिकारियों से कहा कि वह बाकि भवनों का निर्माण पूरा करने के जल्द प्रयास करें। वहीं, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत इस वर्ष 196 कन्याओं का कन्यादान करने का जिला मंडी में लक्ष्य रखा गया है। इस पर लगभग 22 लाख रुपये व्यय होेंगे। उन्होंने कहा कि बेटी है अनमोल एक ऐसी योजना है, जिसके क्रियान्वयन से बेटा-बेटी के लिंग अनुपात में काफी कमी आई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह बेटी है अनमोल योजना के तहत अधिक से अधिक कन्याओं का लाभान्वित करने के प्रयास करें ताकि इस योजना से प्रेरित होकर लोग कन्या के महत्व को समझें। परियोजना के तहत जिला मंडी में महिलाओं तथा युवतियों के कल्याण व आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं आरंभ की गई हैं जिनमें मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टैरेसा असहाय मातृ संबल योजना, माता शबरी महिला सशक्तिकण योजना, बेटी है अनमोल तथा किशोरी शक्ति योजना शामिल हैं। उपायुक्त ने उप निदेशक उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा मंडी, जिला के सभी स्कूलों के मुख्याध्यापकों एवं प्रधानाचार्य से पाठशालाओं के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों के सेवन एवं विक्रय पर पाबंदी लगाएं। इस संबंध में किए गए प्रयासों की सूचना उन्हें उपलब्ध करवाएं। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर, अतिरिक्त उपायुक्त संदीप कदम भी मौजूद थे।
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