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बेरोजगारों गुरिल्लाओं की मांगें माने सरकार
Mandi
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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मंडी। सरकार से मांगों को मनवाने के लिए एसएसबी प्रशिक्षित बेरोजगार गुरिल्ला संगठन के पसीने छूट रहे हैं। कें द्र सरकार तथा गृह मंत्रालय की अनदेखी इस कदर हावी है कि प्रदेश के सैकड़ों गुरिल्लाओं को लंबे संघर्ष के बाद भी न्याय के लिए अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
आगामी 9 मई को मंडी जिला के बेरोजगार गुरिल्ला एक बार फिर सरकार को चेताने के लिए रैली का सहारा लेने वाले हैं। यह रैली मंडी स्थित माता भीमाकाली मंदिर से शुरू होगी। इस दौरान संगठन मंडल जिलाधीश के माध्यम से अपनी विचाराधीन मांगों को लेकर राज्य व केंद्र सरकार को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। संगठन राज्य अध्यक्ष एमआर भारद्वाज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उच्च न्यायालय शिमला की ओर से एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्लाओं के लिए मणिपुर की तर्ज पर पालिसी बनाने को लेकर संबंधित फैसला केंद्र को भेजा गया था। लेकिन बीते पांच वर्षों से इस मसले पर कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सका। वर्षों से संगठन अपनी मांगों को मनवाने के लिए शांतिपूर्ण तरीकों का इस्तेमाल करता आ रहा है। सरकार तथा मंत्रियों, सांसदों की अनदेखी ने संगठन को कडे़ कदम उठाने की ओर मजबूर कर दिया है। संगठन अध्यक्ष ने कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को बेरोजगार गुरिल्लाओं के समायोजन संबंधी पत्र भेजा है।
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आगामी 9 मई को मंडी जिला के बेरोजगार गुरिल्ला एक बार फिर सरकार को चेताने के लिए रैली का सहारा लेने वाले हैं। यह रैली मंडी स्थित माता भीमाकाली मंदिर से शुरू होगी। इस दौरान संगठन मंडल जिलाधीश के माध्यम से अपनी विचाराधीन मांगों को लेकर राज्य व केंद्र सरकार को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। संगठन राज्य अध्यक्ष एमआर भारद्वाज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उच्च न्यायालय शिमला की ओर से एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्लाओं के लिए मणिपुर की तर्ज पर पालिसी बनाने को लेकर संबंधित फैसला केंद्र को भेजा गया था। लेकिन बीते पांच वर्षों से इस मसले पर कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सका। वर्षों से संगठन अपनी मांगों को मनवाने के लिए शांतिपूर्ण तरीकों का इस्तेमाल करता आ रहा है। सरकार तथा मंत्रियों, सांसदों की अनदेखी ने संगठन को कडे़ कदम उठाने की ओर मजबूर कर दिया है। संगठन अध्यक्ष ने कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को बेरोजगार गुरिल्लाओं के समायोजन संबंधी पत्र भेजा है।
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