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पठानकोट मंडी एनएच पर जोगेंद्रनगर के समीप बृजमंडी पर बनी पुलिया में पड़ी दरारें, सरिये सड़े, विभाग अंजान

Mon, 07 Aug 2017 11:16 PM IST
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:16 PM IST
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पठानकोट मंडी एनएच पर जोगेंद्रनगर के समीप बृजमंडी पर बनी पुलिया में पड़ी दरारें, सरिये सड़े, विभाग अंजान
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी जोगिंद्रनगर मार्ग की निगरानी कर रही अफसरशाही की लापरवाही बड़े हादसे के साथ सैन्य सुरक्षा के लिए खतरे का सबब बन सकती है। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर जोगिंद्रनगर के समीप बृज मंडी में बनी छोटी पुलिया के नीचे दोनों तरफ दीवार में पत्थरों के बीच बड़ी दरारें पड़ गई हैं। पुलिया के नीचे से जंग खाए सरिये निकल चुके हैं। जर्जर हुई पुलिया कभी भी दरक सकती है। लेकिन, विभागीय अधिकारियों को शायद पुल के नीचे की दशा का आभास ही नहीं है। ऐसे में लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। रोजाना पठानकोट से मंडी मनाली की तरफ इस मार्ग से हजारों वाहन गुजरते हैं। सबसे अहम पठानकोट से लेह तक सेना के लिए रसद और अन्य सामग्री इसी मार्ग से हो कर लेह पहुंचाई जाती है। ऐसे में इस पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की वजह से यह रूट पूरी तरह से बड़े वाहनों के लिए बाधित हो सकता है। इस पुलिया का निर्माण 82 वर्ष पहले किया गया था। ऊपर से साफ दिखने वाली सड़क कभी भी कहर बरपा सकती है। पुल के क्षतिग्रस्त होने का खामियाजा पंजाब विद्युत बोर्ड को भी भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि बीच कैंप और 18 नंबर तक जाने वाले रोपवे ट्राली भी इसी पुल के नीचे से होकर गुजरती है।
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1935 में हुआ था निर्माण
करीब 82 वर्ष पहले 1935 में इस पुलिया का निर्माण किया गया था। जोगिंद्रनगर से मंडी तक ऐसे कई पुलों और पुलियों का निर्माण विभाग द्वारा किया गया था। जिसमें से लगभग सभी पुलों और पुलियों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। लेकिन, इस पुल पर विभाग की कृपा दृष्टि कब होगी, कहा नहीं जा सकता है। पठानकोट से मंडी नेशनल हाईवे का दर्जा 1984 में दिया गया था। लेकिन, पठानकोट से घट्टा तक सड़क को चौड़ा करने में विभाग की पूरी कृपा दृष्टि रही। लेकिन, जोगिंद्रनगर से मंडी तक को अनदेखा ही कर दिया गया।
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डबललेन के लिए 700 करोड़ का प्रोजेक्ट किया था मंजूर
जोगिंद्रनगर से मंडी तक का अधिकतर यह मार्ग जगह-जगह सिंगल लेन ही है। इसे डबल लेन करने के लिए करीब 700 करोड़ का प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे अथारिटी की ओर से स्वीकृत किया गया था। लेकिन, बीच में फोरलेन की अधिसूचना जारी होने से अब इसे विभाग द्वारा वापस ले लिया गया है। जिससे सहज पता लगाया जा सकता है कि इस रोड पर सफर करना कितना जोखिम भरा कार्य है।
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होगी जांच : एसई
इस संदर्भ में जब नेशनल हाईवे के शाहपुर स्थित अधीक्षण अभियंता आरके मिन्हास से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुल की वस्तुस्थिति का पता चलाने के लिए वह विभाग को आदेश करेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, वहीं सड़क के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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