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Mandi News: साइबर ठगों के झांसे में फंसे अब तक 86 व्यक्ति, लुटा दिए लाखों रुपये
Sat, 12 Oct 2024 02:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 12 Oct 2024 02:23 AM IST
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मंडी। साइबर पुलिस की जागरूकता अभियान के बावजूद जिले में लोग साइबर ठगों के झांसे में फंस रहे हैं। अब तक 86 लोगों ने अपनी शिकायतें मध्य जोन मंडी स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई हैं। इन ठगी के मामलों में ज्यादातर सेवानिवृत्त अधिकारी और व्यवसायी शामिल हैं, जो ठगों के जाल में फंसकर लाखों रुपये गवां चुके हैं।
साइबर पुलिस ने बताया कि ठगों के लिंक मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात और हरियाणा के साथ जुड़े हैं। इससे आरोपियों तक पहुंचना एक चुनौती बन गया है। एक ओर जहां साइबर पुलिस एक मामले का समाधान कर रही है, वहीं दूसरी ओर नए मामले सामने आ रहे हैं। जागरूकता एडवाइजरी जारी करने के बावजूद लोग ठगों के झांसे में आकर धनराशि गंवा रहे हैं।
हाल ही में साइबर पुलिस ने मंडी में एक सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगे गए 64 लाख रुपये में से 22 लाख रुपये रिफंड करवा लिए गए हैं। इसके अलावा 400 से ज्यादा खातों को फ्रीज भी किया गया है। इसी प्रकार एक अधिशासी अभियंता से ठगे गए 20 लाख रुपये में से पांच लाख रुपये भी साइबर पुलिस ने फ्रीज करवाए हैं।
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साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य जोन मंडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस थाना में दर्ज ठगी के मामलों की नियमानुसार जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी के भी झांसे में न आएं और सतर्क रहें।
ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
अनजान लिंक पर क्लिक न करें : किसी भी अनजान ईमेल या संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बचें। ऐसे लिंक अक्सर वायरस या मालवेयर फैलाने के लिए होते हैं।
पासवर्ड की सुरक्षा : मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और नियमित रूप से उन्हें बदलें। विशेष रूप से बैंक और महत्वपूर्ण खातों के लिए दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
फिशिंग ईमेल से सावधान रहें : ईमेल पर आए संदेशों को ध्यान से पढ़ें। असामान्य भाषा, गलत व्याकरण या संदिग्ध लिंक वाले ईमेल से सावधान रहें।
व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें : किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, विशेष रूप से वित्तीय जानकारी।
ठगी के मामलों की रिपोर्ट करें : यदि आप किसी ठगी का शिकार होते हैं या आपको संदेह होता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
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साइबर पुलिस ने बताया कि ठगों के लिंक मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात और हरियाणा के साथ जुड़े हैं। इससे आरोपियों तक पहुंचना एक चुनौती बन गया है। एक ओर जहां साइबर पुलिस एक मामले का समाधान कर रही है, वहीं दूसरी ओर नए मामले सामने आ रहे हैं। जागरूकता एडवाइजरी जारी करने के बावजूद लोग ठगों के झांसे में आकर धनराशि गंवा रहे हैं।
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हाल ही में साइबर पुलिस ने मंडी में एक सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगे गए 64 लाख रुपये में से 22 लाख रुपये रिफंड करवा लिए गए हैं। इसके अलावा 400 से ज्यादा खातों को फ्रीज भी किया गया है। इसी प्रकार एक अधिशासी अभियंता से ठगे गए 20 लाख रुपये में से पांच लाख रुपये भी साइबर पुलिस ने फ्रीज करवाए हैं।
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साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य जोन मंडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस थाना में दर्ज ठगी के मामलों की नियमानुसार जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी के भी झांसे में न आएं और सतर्क रहें।
ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
अनजान लिंक पर क्लिक न करें : किसी भी अनजान ईमेल या संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बचें। ऐसे लिंक अक्सर वायरस या मालवेयर फैलाने के लिए होते हैं।
पासवर्ड की सुरक्षा : मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और नियमित रूप से उन्हें बदलें। विशेष रूप से बैंक और महत्वपूर्ण खातों के लिए दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
फिशिंग ईमेल से सावधान रहें : ईमेल पर आए संदेशों को ध्यान से पढ़ें। असामान्य भाषा, गलत व्याकरण या संदिग्ध लिंक वाले ईमेल से सावधान रहें।
व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें : किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, विशेष रूप से वित्तीय जानकारी।
ठगी के मामलों की रिपोर्ट करें : यदि आप किसी ठगी का शिकार होते हैं या आपको संदेह होता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।