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नप और लोगों ने बावड़ी को साफ करने का उठाया जिम्मा
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:53 PM IST
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मंडी। सांसद की गोद ली बावड़ी के दिन बहुरेंगे। सीवरेज की गंदगी इस पानी को दूषित नहीं कर सकेगी। पानी की किल्लत होने पर लोग इस बावड़ी का पानी बेझिझक प्रयोग में ला सकेंगे। मंगलवार को शहर के रामनगर मोहल्ले में विश्वकर्मा मंदिर के साथ लगती प्राचीन बावड़ी की सफाई की कवायद तेज हो गई है। शहर की इस प्राचीन बावड़ी की बदहाली को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें धड़ल्ले से कूड़ा और सीवरेज के गंदे पानी से बावड़ी की बदहाली की लाइव रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। जिसके बाद नगर परिषद, आईपीएच और स्थानीय लोगों ने इस प्राचीन बावड़ी को बचाने और यहां का पानी प्रयोग में लाने की मुहिम छेड़ दी है। हालांकि इससे पहले भी छुटपुट काम हुए, लेकिन अब इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास तेज हो गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद नप व स्थानीय लोगों ने इसे ठीक करने का जिम्मा उठा लिया है। नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया ने कहा कि बावड़ी की साफ सफाई करवा दी गई है। सीवरेज की पाइपें आईपीएच ठीक कर रहा है। बावड़ियों को संरक्षित किया जाएगा।
ऐसे सुधरेंगे हालात
बावड़ी के ऊपर जिस स्थान से सीवरेज की गंदगी गिरती हैं, वहां पर बने चेंबर को साफ करके उसे दुरुस्त किया गया, ताकि पानी की दिशा बावड़ी के ऊपर सेे प्रवाहित न हो। होटलों और सीवरेज के गंदे पानी को रोकने के लिए कार्य भी किया गया। इस गंदे पानी को साइड से निकालने के लिए पाइप लाइन को दुरुस्त किया गया ताकि, लोगों को दूषित जल पीने के लिए बाध्य न होना पड़े। इसके अलावा बावड़ी के आसपास फैली गंदगी को साफ किया गया।
बावड़ियों का हो संरक्षण
स्थानीय लोगों में कृष्ण कुमार, सुखदेव, सूरज, नीलम, जितेंद्र, प्रवीण, आशा कुमारी, लीला देवी, राधा देवी, कृष्णा देवी और अन्य लोगों ने कहा कि नगर परिषद, आईपीएच और स्थानीय लोगों की मेहनत से अब इस बावड़ी को दूषित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों से आग्रह किया है इस तरह से मंडी में तमाम प्राचीन बावड़ियों का संरक्षण किया जाए।
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ऐसे सुधरेंगे हालात
बावड़ी के ऊपर जिस स्थान से सीवरेज की गंदगी गिरती हैं, वहां पर बने चेंबर को साफ करके उसे दुरुस्त किया गया, ताकि पानी की दिशा बावड़ी के ऊपर सेे प्रवाहित न हो। होटलों और सीवरेज के गंदे पानी को रोकने के लिए कार्य भी किया गया। इस गंदे पानी को साइड से निकालने के लिए पाइप लाइन को दुरुस्त किया गया ताकि, लोगों को दूषित जल पीने के लिए बाध्य न होना पड़े। इसके अलावा बावड़ी के आसपास फैली गंदगी को साफ किया गया।
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बावड़ियों का हो संरक्षण
स्थानीय लोगों में कृष्ण कुमार, सुखदेव, सूरज, नीलम, जितेंद्र, प्रवीण, आशा कुमारी, लीला देवी, राधा देवी, कृष्णा देवी और अन्य लोगों ने कहा कि नगर परिषद, आईपीएच और स्थानीय लोगों की मेहनत से अब इस बावड़ी को दूषित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों से आग्रह किया है इस तरह से मंडी में तमाम प्राचीन बावड़ियों का संरक्षण किया जाए।
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