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कमरूनाग, शिकारी देवी समेत ऊंची चोटियां सफेद
Updated Tue, 12 Dec 2017 10:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी/गोहर/बालीचौकी। जिला मंडी में कमरूनाग, शिकारी देवी समेत अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। सोमवार से रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी के क्रम से समूचा मंडी जिला शीत लहर की चपेट में आ गया है। क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी माता शिकारी देवी पहाड़ी और बड़ा देव कमरूनाग में मंगलवार शाम तक बर्फबारी का क्रम जारी रहा। शिकारी देवी में दो फीट और कमरूनाग में करीब 1 फीट बर्फ गिरी है।
जिले के बालीचौकी, गाडागुशैणी, करसोग की ऊंची चोटियों और बरोट की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई है। बर्फबारी होने से देव समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है और किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। लेकिन, क्षेत्र में बिजली और पेयजलापूर्ति हांफने लगी है। कमरूघाटी की करीब एक दर्जन पंचायतों में सोमवार रात से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। मंगलवार सुबह क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। रात भर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बर्फबारी से उपमंडल गोहर और जंजैहली में अभी तक किसी सड़क के बंद होने का समाचार नहीं है। उधर, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश होने से पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान पर्याप्त नमी होने के बाद गेहूं की बिजाई शुरू करेंगे और सेब बागवान भी बगीचों में जुट जाएंगे।
बची कुर्सी: देवताओं से लगाई थी बारिश की गुहार
बारिश के लिए देव कमरूनाग और देव लटोगली के दरबार में किसानों-बागवानों ने गूर के माध्यम से देवताओं से बारिश की गुहार लगाई थी। देव कमरूनाग के गूर लीलमणी की कुर्सी पर खतरा मंडरा गया था। लेकिन, बारिश होने से अब देव कमरूनाग के गूर की कुर्सी बच गई है।
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बार बार जा रही बिजली
बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी क्षेत्र की गाड़ागुशैनी की पहाड़ियों पर चार से पांच इंच तक बर्फबारी हुई है। जिसमें तुगासी धार, ख़ूनाचीधार, सुकेतीधार, लुब्री धार, जोगनी धार, स्पेहनीधार, सरोलशाटा धार आदि पहाड़ियों पर करीब चार पांच इंच ताजा हिमपात हुआ है। शैटाधार, चुंजबालाधार आदि पहाड़ियां भी बर्फ से ढकी हैं। स्थानीय लोगों में मोहन डोगरा, सोनू ठाकुर, दया राम, रोशन चौहान, दलीप सिंह, बीटू डोगरा, शेर सिंह दिनेश कुमार ने कहा कि बिजली बार बार जा रही है। जिससे परेशानी बढ़ने लगी है।
धर्मपुर के किसानों ने ली राहत की सांस
धर्मपुर (मंडी)। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा से किसानों के चेहरों में रौनक लौट आई है और किसानों ने गंदम की बिजाई शुरू कर दी है। किसानों में दलीप सिंह, सुंदर सिंह, वीरी सिंह, देवराज, ब्यास देव, श्यामलाल, करतार सिंह, बंसीलाल, रूपलाल, रामलाल, बबलू गिरी, ठाकर दास, प्यार चंद, परमा राम, राजकुमार ने कहा कि बारिश उनकी पैदावार के लिए संजीवनी साबित हुई है। धर्मपुर विस क्षेत्र में 95 प्रतिशत खेती वर्षा पर निर्भर रहती है। अगर समय पर बारिश न हो तो किसानों को उनकी मेहनत भी नसीब नहीं होती है।
प्रशासन बर्फबारी से निपटने को तैयार
उपायुक्त मंडी मदन चौहान ने कहा कि प्रशासन बर्फबारी से निपटने को तैयार है। लोनिवि, आईपीएच और विद्युत बोर्ड को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। बर्फबारी से निपटने की तैयारियां जमीनी स्तर पर शुरू कर दी हैं। उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता विश्वजीत सिंह ने बताया कि विभाग बर्फबारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एसडीएम गोहर राघव शर्मा और एसडीएम जंजैहली अश्विनी कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बर्फबारी में कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिर जाने वाले लोगों के लिए सभी प्रमुख रास्तों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता सीएल ठाकुर ने कहा कि विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्फबारी से निपटने के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
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जिले के बालीचौकी, गाडागुशैणी, करसोग की ऊंची चोटियों और बरोट की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई है। बर्फबारी होने से देव समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है और किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। लेकिन, क्षेत्र में बिजली और पेयजलापूर्ति हांफने लगी है। कमरूघाटी की करीब एक दर्जन पंचायतों में सोमवार रात से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। मंगलवार सुबह क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। रात भर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बर्फबारी से उपमंडल गोहर और जंजैहली में अभी तक किसी सड़क के बंद होने का समाचार नहीं है। उधर, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश होने से पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान पर्याप्त नमी होने के बाद गेहूं की बिजाई शुरू करेंगे और सेब बागवान भी बगीचों में जुट जाएंगे।
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बची कुर्सी: देवताओं से लगाई थी बारिश की गुहार
बारिश के लिए देव कमरूनाग और देव लटोगली के दरबार में किसानों-बागवानों ने गूर के माध्यम से देवताओं से बारिश की गुहार लगाई थी। देव कमरूनाग के गूर लीलमणी की कुर्सी पर खतरा मंडरा गया था। लेकिन, बारिश होने से अब देव कमरूनाग के गूर की कुर्सी बच गई है।
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बार बार जा रही बिजली
बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी क्षेत्र की गाड़ागुशैनी की पहाड़ियों पर चार से पांच इंच तक बर्फबारी हुई है। जिसमें तुगासी धार, ख़ूनाचीधार, सुकेतीधार, लुब्री धार, जोगनी धार, स्पेहनीधार, सरोलशाटा धार आदि पहाड़ियों पर करीब चार पांच इंच ताजा हिमपात हुआ है। शैटाधार, चुंजबालाधार आदि पहाड़ियां भी बर्फ से ढकी हैं। स्थानीय लोगों में मोहन डोगरा, सोनू ठाकुर, दया राम, रोशन चौहान, दलीप सिंह, बीटू डोगरा, शेर सिंह दिनेश कुमार ने कहा कि बिजली बार बार जा रही है। जिससे परेशानी बढ़ने लगी है।
धर्मपुर के किसानों ने ली राहत की सांस
धर्मपुर (मंडी)। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा से किसानों के चेहरों में रौनक लौट आई है और किसानों ने गंदम की बिजाई शुरू कर दी है। किसानों में दलीप सिंह, सुंदर सिंह, वीरी सिंह, देवराज, ब्यास देव, श्यामलाल, करतार सिंह, बंसीलाल, रूपलाल, रामलाल, बबलू गिरी, ठाकर दास, प्यार चंद, परमा राम, राजकुमार ने कहा कि बारिश उनकी पैदावार के लिए संजीवनी साबित हुई है। धर्मपुर विस क्षेत्र में 95 प्रतिशत खेती वर्षा पर निर्भर रहती है। अगर समय पर बारिश न हो तो किसानों को उनकी मेहनत भी नसीब नहीं होती है।
प्रशासन बर्फबारी से निपटने को तैयार
उपायुक्त मंडी मदन चौहान ने कहा कि प्रशासन बर्फबारी से निपटने को तैयार है। लोनिवि, आईपीएच और विद्युत बोर्ड को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। बर्फबारी से निपटने की तैयारियां जमीनी स्तर पर शुरू कर दी हैं। उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता विश्वजीत सिंह ने बताया कि विभाग बर्फबारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एसडीएम गोहर राघव शर्मा और एसडीएम जंजैहली अश्विनी कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बर्फबारी में कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिर जाने वाले लोगों के लिए सभी प्रमुख रास्तों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता सीएल ठाकुर ने कहा कि विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्फबारी से निपटने के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।