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देवी-देवताओं की उत्पति, कथाओं और इतिहास पर स्मारिका का होगा प्रकाशन
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:52 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। सर्व देवता सेवा समिति जिला मंडी जिला भर के देवी-देवताओं के बारे में स्मारिका का प्रकाशन करेगी। जिसमें देवी-देवताओं की उत्पति, इतिहास, उनके प्रति दंत कथाओं और रथ शैली के बारे में विस्तार से लेख लिखे जाएंगे। इसका फैसला रविवार को सुंदरनगर में प्रधान शिवपाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है। कमेटी के इस फैसले की बैठक में शामिल कारदारों ने सराहना की और इसे एक सराहनीय कदम बताया। स्मारिका के लिए रमेश शास्त्री को प्रधान, राजेश कुमार शास्त्री को उपप्रधान, भूपेंद्र सेन को सचिव और बलदेव राज शर्मा को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस मौके पर शिवपाल शर्मा ने कहा कि देवताओं की सांस्कृतिक धरोहर को बचाने, इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए जरूरी है कि सभी कारदार और कमेटियां एक मंच पर आएं। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में देवी-देवताओं के प्रति लोगों में अटूट श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में मंडी का शिवरात्रि मेला, सुंदरनगर का देवता मेला, सरकाघाट में नवाही मेला, करसोग में बूढ़ी दिवाली और जोगिंद्रनगर के लघु शिवरात्रि मेले के संरक्षण के लिए प्रशासन की ओर से मेलों में आने वाले देवी-देवताओं को उचित स्थान और कारदारों को मान सम्मान और मेलों को आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए। सर्व देवता सेवा समिति इसके लिए कार्य कर रही है। बैठक में देवताओं के साथ वाद्य यंत्र बजाने वाले बजंतरियों, जो देवता के प्रमुख अंग होते हैं, को भी आर्थिक रूप से मानदेय देने की मांग का प्रस्ताव पारित किया गया। स्मारिका के लिए सभी देवता कमेटियों को प्रपत्र दिए गए जिसे जल्द से जल्द भरकर स्मारिका में प्रकाशन के लिए भेजने का आग्रह किया गया। बैठक में कमरूनाग सुकेत रोहांड़ा से दुनिचंद, माहूंनाग जय देवी से अमर सिंह, माता नैणा देवी से महेंद्र सिंह, मुरारी देवी से कंचन वर्मा, देव श्री बाला टिक्का मानगढ़ से ललित कुमार, राधा कृष्ण मंदिर से नानक चंद सहित सुकेत कमेटी के अनेक सदस्यों ने भाग लिया।
मंडी समिति की बैठक में जाने वाले कमेटियों को किया जाएगा निष्कासित : अभिषेक
सुंदरनगर (मंडी)। सुकेत सर्व देवता कमेटी (कारदार संघ) ने सर्व देवता सेवा समिति मंडी की सुंदरनगर के गोपाल मंदिर में सुकेत के देवलुओं के साथ रखी बैठक का बहिष्कार किया है। यह दावा सुकेत सर्व देवता कमेटी के प्रधान अभिषेक सोनी ने किया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में सुकेत के किसी भी देवता कमेटी ने भाग नहीं लिया। अभिषेक सोनी ने बताया कि यह बैठक सुकेत सर्व देवता कमेटी (कारदार संघ) को दोफाड़ करने के लिए रखी गई थी। जिसका सभी देवलुओं ने बहिष्कार कर एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि सुकेत सर्व देवता कमेटी सुकेत के देवलुओं की ओर से एकता दर्शाने पर उनका आभार व्यक्त करती है। इस एकता से सुकेत की संस्कृति बचाने के प्रयासों को और बल मिला है। जिसके सार्थक परिणाम भविष्य में शीघ्र ही सामने आएंगे। जो दो-तीन देवता कमेटियों ने बैठक में भाग लिया, उन्हें सुकेत सर्व देवता कमेटी से निष्कासित किया जाएगा। सुकेत सर्व देवता कमेटी पिछले दो वर्षों से देवी-देवताओं की कथाओं को एक पत्रिका देवधरा में प्रकाशन करती आ रही है और आगे इसे विस्तार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने मंडी कमेटी की आलोचना करते हुए कहा कि सुकेत के देवताओं को मंडी शिवरात्रि में पंजीकरण करने के बारे में फिर मंडी कमेटी का ढुलमुल रवैया सामने आया है। जल्द ही सुकेत के कारदारों को उनके अधिकार मिलेंगे और वह भी शिवरात्रि में शिरकत करेंगे।
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मंडी समिति की बैठक में जाने वाले कमेटियों को किया जाएगा निष्कासित : अभिषेक
सुंदरनगर (मंडी)। सुकेत सर्व देवता कमेटी (कारदार संघ) ने सर्व देवता सेवा समिति मंडी की सुंदरनगर के गोपाल मंदिर में सुकेत के देवलुओं के साथ रखी बैठक का बहिष्कार किया है। यह दावा सुकेत सर्व देवता कमेटी के प्रधान अभिषेक सोनी ने किया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में सुकेत के किसी भी देवता कमेटी ने भाग नहीं लिया। अभिषेक सोनी ने बताया कि यह बैठक सुकेत सर्व देवता कमेटी (कारदार संघ) को दोफाड़ करने के लिए रखी गई थी। जिसका सभी देवलुओं ने बहिष्कार कर एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि सुकेत सर्व देवता कमेटी सुकेत के देवलुओं की ओर से एकता दर्शाने पर उनका आभार व्यक्त करती है। इस एकता से सुकेत की संस्कृति बचाने के प्रयासों को और बल मिला है। जिसके सार्थक परिणाम भविष्य में शीघ्र ही सामने आएंगे। जो दो-तीन देवता कमेटियों ने बैठक में भाग लिया, उन्हें सुकेत सर्व देवता कमेटी से निष्कासित किया जाएगा। सुकेत सर्व देवता कमेटी पिछले दो वर्षों से देवी-देवताओं की कथाओं को एक पत्रिका देवधरा में प्रकाशन करती आ रही है और आगे इसे विस्तार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने मंडी कमेटी की आलोचना करते हुए कहा कि सुकेत के देवताओं को मंडी शिवरात्रि में पंजीकरण करने के बारे में फिर मंडी कमेटी का ढुलमुल रवैया सामने आया है। जल्द ही सुकेत के कारदारों को उनके अधिकार मिलेंगे और वह भी शिवरात्रि में शिरकत करेंगे।
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