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ऑपरेशन के बाद फर्श पर लेटा दीं महिलाएं
Updated Wed, 29 Nov 2017 09:45 PM IST
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धर्मपुर (मंडी)। सिविल अस्पताल धर्मपुर में नलबंदी के ऑपरेशन के बाद दर्द से कराहतीं महिलाओं को ठंडे फर्श पर लेटा दिया गया। बुुधवार को परिवार नियोजन के कैंप के बाद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का यह नजारा देखने को मिला। बिस्तर की उपलब्धता न होने के बाद महिलाओं को ठंडे फर्श पर लेटाकर न केवल उनकी जान से खिलवाड़ किया है, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था का भी मजाक उड़ा है। कुछ तीमारदारों को बिस्तर और तलाई आदि खरीदकर लानी पड़ी।
उपमंडल मुख्यालय में स्थित सिविल अस्पताल में बुुधवार को परिवार नियोजन के ऑपरेशन होने के बाद महिलाओं को ठंडे फर्श पर लेटाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को यहां पर परिवार नियोजन के ऑपरेशन करने के लिए कैंप लगाया गया था। इसमें करीब 30 से ज्यादा महिलाओं के ऑपरेशन किए गए। ऑपरेशन करने आई टीम तो ऑपरेशन करने के बाद वापस चली गई, परंतु ऑपरेशन के बाद महिलाओं के लिए न तो बिस्तरों की उचित व्यवस्था की गई और न ही उचित जगह दी गई। सर्दी का मौसम होने के चलते ऑपरेशन होने के बाद महिलाओं को मजबूरन फर्श पर खुद की तलाई और गद्दे लेकर सोना पड़ा। ऑपरेशन करवाने पहुंचीं महिलाओं और परिजनों रुचि देवी, बिमला देवी, वंदना, संगीना, सुनीता, रीता, शकुंतला देवी, मधु, अंजना, रीना, निर्मला, कांता, पूनम, नरेंद्र कुमार, समी कुमार आदि ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बहुत सी महिलाओं को बिस्तर न मिलने पर स्वयं कंबल और बिस्तर खरीदकर लाने पड़े, तब उनको वहां लेटाया गया।
नहीं ली सीख : पिछले वर्ष भी सामने आई थी कोताही
इससे पूर्व भी महिलाओं को गत वर्ष ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटाया गया था, परंतु स्वास्थ्य विभाग ने इस बार भी अपना रवैया नहीं बदला। अभी हाल ही में सरकार ने इस अस्पताल को सिविल हॉस्पिटल का दर्जा दिया है। बावजूद इसके अभी तक अस्पताल में पीएचसी की सुविधाएं भी पूरी नहीं हैं। इस प्रकरण से लोगों में खासी नाराजगी है।
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स्वास्थ्य विभाग की सफाई
एमओ इंचार्ज मंडी डॉक्टर हेमंत ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। आगे से इस तरह की घटना नहीं होगी। जब बीएमओ रमेश चंद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि में कहीं प्रशिक्षण पर हूं। इसलिए मैं इस बारे में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। अस्पताल में तैनात डॉक्टर राकेश ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि व्यवस्था देखना हमारा काम नहीं होता। टीम जो ऑपरेशन करने आती है, उसे ही व्यवस्था देखनी होती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में छह ही बिस्तर हैं।
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उपमंडल मुख्यालय में स्थित सिविल अस्पताल में बुुधवार को परिवार नियोजन के ऑपरेशन होने के बाद महिलाओं को ठंडे फर्श पर लेटाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को यहां पर परिवार नियोजन के ऑपरेशन करने के लिए कैंप लगाया गया था। इसमें करीब 30 से ज्यादा महिलाओं के ऑपरेशन किए गए। ऑपरेशन करने आई टीम तो ऑपरेशन करने के बाद वापस चली गई, परंतु ऑपरेशन के बाद महिलाओं के लिए न तो बिस्तरों की उचित व्यवस्था की गई और न ही उचित जगह दी गई। सर्दी का मौसम होने के चलते ऑपरेशन होने के बाद महिलाओं को मजबूरन फर्श पर खुद की तलाई और गद्दे लेकर सोना पड़ा। ऑपरेशन करवाने पहुंचीं महिलाओं और परिजनों रुचि देवी, बिमला देवी, वंदना, संगीना, सुनीता, रीता, शकुंतला देवी, मधु, अंजना, रीना, निर्मला, कांता, पूनम, नरेंद्र कुमार, समी कुमार आदि ने बताया कि ऑपरेशन के बाद बहुत सी महिलाओं को बिस्तर न मिलने पर स्वयं कंबल और बिस्तर खरीदकर लाने पड़े, तब उनको वहां लेटाया गया।
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नहीं ली सीख : पिछले वर्ष भी सामने आई थी कोताही
इससे पूर्व भी महिलाओं को गत वर्ष ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटाया गया था, परंतु स्वास्थ्य विभाग ने इस बार भी अपना रवैया नहीं बदला। अभी हाल ही में सरकार ने इस अस्पताल को सिविल हॉस्पिटल का दर्जा दिया है। बावजूद इसके अभी तक अस्पताल में पीएचसी की सुविधाएं भी पूरी नहीं हैं। इस प्रकरण से लोगों में खासी नाराजगी है।
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स्वास्थ्य विभाग की सफाई
एमओ इंचार्ज मंडी डॉक्टर हेमंत ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। आगे से इस तरह की घटना नहीं होगी। जब बीएमओ रमेश चंद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि में कहीं प्रशिक्षण पर हूं। इसलिए मैं इस बारे में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। अस्पताल में तैनात डॉक्टर राकेश ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि व्यवस्था देखना हमारा काम नहीं होता। टीम जो ऑपरेशन करने आती है, उसे ही व्यवस्था देखनी होती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में छह ही बिस्तर हैं।