फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   55 petitions related to land acquisition award for four lane dismissed

Mandi News: फोरलेन के भू-अधिग्रहण अवार्ड से संबंधित 55 याचिकाएं खारिज

Sun, 30 Mar 2025 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Sun, 30 Mar 2025 12:28 AM IST
विज्ञापन
55 petitions related to land acquisition award for four lane dismissed
मंडी। जिला न्यायालय के न्यायाधीश ने मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के तहत दायर करीब 55 याचिकाओं को खारिज करने के फैसले सुनाए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा राजमार्ग के निर्माण से प्रभावितों ने सुलह अधिनियम के तहत मध्यस्थ मंडलायुक्त के अवार्डों को जिला न्यायालय में याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी थी।
विज्ञापन

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी राजमार्गों को फोरलेन करने का काम इन दिनों जारी है। फोरलेन के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किए जाने से जिला बिलासपुर, मंडी और कुल्लू के हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। जिला न्यायालय और मध्यस्थ न्यायालय में इस समय भू अधिग्रहण के अवार्ड से संबंधित सैकड़ों याचिकाएं लंबित हैं। इनमें से अनेकों मामलों का निस्तारण भी हो चुका है। अधिकांश मामलों में राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रभावितों के अवार्डों को मध्यस्थ न्यायालय द्वारा बढ़ाए जाने के खिलाफ दायर याचिकाएं हैं। जिला न्यायालय में राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है।
विज्ञापन

इसके अलावा राजमार्ग से प्रभावित हुए लोगों ने भी मध्यस्थ के अवार्ड को चुनौती दी थी। जिला न्यायाधीश ने याचिकाओं के फैसले में कहा कि तथ्यों, परिस्थितियों और साक्ष्यों से यह साबित नहीं हुआ है कि अवार्ड को किसी धोखाधडी, भ्रष्टाचार करके या भारतीय कानून के किसी मूल नीति और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अवहेलना करके पास किया गया है। याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाए कि मध्यस्थ के अवार्ड किस तरह पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अदालत ने उच्चतम न्यायालय के फैसलों में दी गई व्यवस्थाओं और मामलों के तथ्यों के आधार पर यह माना कि मध्यस्थ ने तथ्यों का सही तरीके से और सत्यतापूर्वक मूल्यांकन किया है। अदालत ने कहा कि मध्यस्थ के अवार्ड में किसी तरह की अयोग्यता, अवैधता और अनियमितता नहीं है। ऐसे में अदालत ने अवार्ड को बरकरार रखते हुए याचिकाओं को निरस्त करने के फैसले सुनाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed