{"_id":"5c91204cbdec221424306b36","slug":"51553014860-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पति के हत्या के आरोप में पत्नी समेत तीन दोषी करार, आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पति के हत्या के आरोप में पत्नी समेत तीन दोषी करार, आजीवन कारावास
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मंडी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अर्पणा शर्मा की अदालत ने हत्या का आरोप साबित होने पर एक महिला समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोप था कि महिला ने दो युवकों के साथ मिलकर अपने पति को मौत के घाट उतारा और लाश बोरी में छिपाकर ब्यास में फेंक दी। मंगलवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अमर चंद उर्फ पिल्लू पुत्र शक्ति राम गांव बैहना, सतीश कुमार पुत्र प्रह्लाद भक्त निवासी गली नंबर आठ प्रीत नगर गुलाबगढ़ रोड़ डेरा बस्सी जिला मोहाली पंजाब और लता देवी पत्नी स्वर्गीय मनोज कुमार निवासी गांव बैहना को आपराधिक षड्यंत्र करके हत्या करने, पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य मिटाने के आरोपियों में दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी अमर चंद और सतीश कुमार को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा बीस हजार जुर्माना, भादंसं की धारा 201 के तहत दो साल का कारावास और पांच हजार जुर्माना, भादंसं की धारा 404 के तहत तीन साल कारावास पांच हजार जुुर्माना और भादंसं की धारा 452 के तहत तीन साल कारावास और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 33 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए।
पत्नी को यह सजाएं
लता देवी को अदालत ने भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा बीस हजार जुर्माना, भादंसं की धारा 201 के तहत दो साल का कारावास और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
यह है मामला
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 28 मई 2014 को श्याम लाल पुत्र परमा राम गांव व डा रेहड़ा धार तहसील सदर ने थाना बल्ह में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका छोटा भाई मनोज कुमार जो अपनी पत्नी और बेटियों के साथ बैहना गांव में रहता था, यह सभी अब वहां पर नहीं मिल रहे हैं। उसका भाई मनोज कुमार शिमला गया था जो वापस नहीं आया है और काफी तलाशी करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं चल पाया है। श्याम लाल ने मनोज कुुमार की गुमशुदगी में उसकी पत्नी लता देवी के संलिप्त होने का शक जाहिर किया। इस पर बल्ह थाना में मामला दर्ज हुआ था।
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छानबीन के दौरान आरोपी की निशानदेही पर 7 जून 2014 को मनोज कुमार की लाश को ब्यास सतलुज लिंक नहर सुंदरनगर के नजदीक बंद बोरी में बरामद किया गया। इस मामले की तफ्तीश तत्कालीन थाना प्रभारी मदन धीमान द्वारा की गई और जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विनय वर्मा अतिरिक्त लोक अभियोजक विनय वर्मा, चाणन सिंह, नीतिन कुमार और लोक अभियोजक भीष्म चंद ने की।
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पत्नी को यह सजाएं
लता देवी को अदालत ने भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा बीस हजार जुर्माना, भादंसं की धारा 201 के तहत दो साल का कारावास और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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यह है मामला
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 28 मई 2014 को श्याम लाल पुत्र परमा राम गांव व डा रेहड़ा धार तहसील सदर ने थाना बल्ह में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका छोटा भाई मनोज कुमार जो अपनी पत्नी और बेटियों के साथ बैहना गांव में रहता था, यह सभी अब वहां पर नहीं मिल रहे हैं। उसका भाई मनोज कुमार शिमला गया था जो वापस नहीं आया है और काफी तलाशी करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं चल पाया है। श्याम लाल ने मनोज कुुमार की गुमशुदगी में उसकी पत्नी लता देवी के संलिप्त होने का शक जाहिर किया। इस पर बल्ह थाना में मामला दर्ज हुआ था।
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छानबीन के दौरान आरोपी की निशानदेही पर 7 जून 2014 को मनोज कुमार की लाश को ब्यास सतलुज लिंक नहर सुंदरनगर के नजदीक बंद बोरी में बरामद किया गया। इस मामले की तफ्तीश तत्कालीन थाना प्रभारी मदन धीमान द्वारा की गई और जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विनय वर्मा अतिरिक्त लोक अभियोजक विनय वर्मा, चाणन सिंह, नीतिन कुमार और लोक अभियोजक भीष्म चंद ने की।