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अद्भुुत : भीमाकाली का स्वरूप शिवलिंग पर मक्खन के साथ उभारा
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:49 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए छोटी काशी मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ को भीमाकली रूप में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा गया। माता का स्वरूप शिवलिंग पर मक्खन के साथ उभारा गया। इस स्वरूप को बनाने के लिए करीब 50 किलोग्राम मक्खन का प्रयोग किया गया। भूतनाथ को इस रूप में सजा देखकर श्रद्धालु शिवभक्ति से ओतप्रोत दिखे। भीमाकाली रूप में शिव-शक्ति का दर्शन पाकर श्रद्धालु धन्य हुए। गौर हो कि मकर संक्रांति के दिन से बाबा भूतनाथ को हर दिन नए रूप में सजाया जा रहा है। एक माह तक शिवलिंग का शृंगार किया जाता रहेगा। लेकिन, आराध्य देव बाबा भोलेनाथ को मंगलवार को माता भीमाकाली स्वरूप में सजाया गया, जोकि काफी अद्भुत है। कम ही शिवलिंग को इस रूप में संवारा जाता है।
यह है मान्यता
महंत देवानंद ने बताया कि भीमाकाली स्वरूप में भोलेनाथ को सजाने के पीछे मान्यता है कि भोलेनाथ अर्धनारीश्वर हैं। इसलिए माता शक्ति हमेशा उनके साथ विराजमान रहती हैं। भोलेनाथ के लिंग के चारों ओर लगे अर्घा (योनी) को माता का स्वरूप माना जाता है। माता भीमाकाली महाकाली का स्वरूप हैं और भगवान भोलेनाथ के साथ वह हमेशा दुष्ट आत्माओं का नाश करती हैं। इसलिए मंगलवार को माता का स्वरूप मक्खन के साथ भोलेनाथ के लिंग पर मक्खन के साथ उभारा गया। उन्होंने कहा कि इस रूप का दर्शन पाकर जन्मों जन्म के पापों का नाश होता है। श्रद्धालु इस रूप का दर्शन पाकर कई गुणा फल प्राप्त करते हैं।
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यह है मान्यता
महंत देवानंद ने बताया कि भीमाकाली स्वरूप में भोलेनाथ को सजाने के पीछे मान्यता है कि भोलेनाथ अर्धनारीश्वर हैं। इसलिए माता शक्ति हमेशा उनके साथ विराजमान रहती हैं। भोलेनाथ के लिंग के चारों ओर लगे अर्घा (योनी) को माता का स्वरूप माना जाता है। माता भीमाकाली महाकाली का स्वरूप हैं और भगवान भोलेनाथ के साथ वह हमेशा दुष्ट आत्माओं का नाश करती हैं। इसलिए मंगलवार को माता का स्वरूप मक्खन के साथ भोलेनाथ के लिंग पर मक्खन के साथ उभारा गया। उन्होंने कहा कि इस रूप का दर्शन पाकर जन्मों जन्म के पापों का नाश होता है। श्रद्धालु इस रूप का दर्शन पाकर कई गुणा फल प्राप्त करते हैं।
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