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33 केवी सब स्टेशन हांफा, पांच घंटे गुल रही बिजली, हजारों उपभोक्ताओं ने झेली परेशानी
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जोगिंद्रनगर बस्सी विद्युत परियोजना में आई खराबी को दुरुस्त करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Mandi
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। 66 मेगावाट पन विद्युत बस्सी परियोजना के 132/33 केवी सब स्टेशन के अचानक हांफने से करीब पांच घंटे तक जोगिंद्रनगर का अस्सी फीसदी क्षेत्र के अलावा हमीरपुर के कुछ हिस्सों में बिजली गुल रही।
इस कारण 35 से 40 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह बिजली न होने से अस्पताल में मरीजों को टेस्ट से महरूम रहना पड़ा। लोगों की रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए। बिना नहाए अधिकारी और कर्मचारियों को कार्यालय जाना पड़ा। शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई भी बाधित हुई। बुधवार सुबह करीब पांच बजकर 25 मिनट पर बस्सी परियोजना के 33 केवी सब स्टेशन के 16 एमबीए ट्रांसफार्मर के ब्रेकर में तकनीकी खराबी आने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। करीब पांच घंटे बाद सुबह दस बजकर 35 मिनट पर बिजली आपूर्ति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में हो पाई।
बार-बार बिजली ट्रिपिंग से सरकारी और निजी कार्यालयों, बैंकों, डाकघरों में कामकाज प्रभावित होता रहा। सब स्टेशन गवाली और शानन पावर हाउस से बिजली का बैकअप लेकर शहरी और कुछ ग्रामीण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करवाने में विद्युत विभाग ने तत्परता दिखाई। बस्सी परियोजना के इंजीनियर, कर्मचारी और रेजिडेंट इंजीनियर अरुण धीमान की मौजूदगी में सभी बिजली बहाली में जुटे रहे। बस्सी परियोजना के सब स्टेशन के अचानक फेल हो जाने से करीब 6 हजार विद्युत यूनिट का नुकसान होने की जानकारी मिली है।
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परियोजना से 132 सब स्टेशन हमीरपुर, चुला मटनसिद्ध और डैहन सब स्टेशनों में भी बिजली की आपूर्ति होती है। वहीं जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र का 80 प्रतिशत क्षेत्र भी बस्सी परियोजना पर निर्भर है।
उपभोक्ताओं को परेशानी
बस्सी परियोजना में तकनीकी खराबी आने से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी है। हालांकि बोर्ड कर्मचारियों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया।
अरुण धीमान, रेजिडेंट इंजीनियर बस्सी परियोजना
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इस कारण 35 से 40 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह बिजली न होने से अस्पताल में मरीजों को टेस्ट से महरूम रहना पड़ा। लोगों की रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए। बिना नहाए अधिकारी और कर्मचारियों को कार्यालय जाना पड़ा। शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई भी बाधित हुई। बुधवार सुबह करीब पांच बजकर 25 मिनट पर बस्सी परियोजना के 33 केवी सब स्टेशन के 16 एमबीए ट्रांसफार्मर के ब्रेकर में तकनीकी खराबी आने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। करीब पांच घंटे बाद सुबह दस बजकर 35 मिनट पर बिजली आपूर्ति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में हो पाई।
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बार-बार बिजली ट्रिपिंग से सरकारी और निजी कार्यालयों, बैंकों, डाकघरों में कामकाज प्रभावित होता रहा। सब स्टेशन गवाली और शानन पावर हाउस से बिजली का बैकअप लेकर शहरी और कुछ ग्रामीण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करवाने में विद्युत विभाग ने तत्परता दिखाई। बस्सी परियोजना के इंजीनियर, कर्मचारी और रेजिडेंट इंजीनियर अरुण धीमान की मौजूदगी में सभी बिजली बहाली में जुटे रहे। बस्सी परियोजना के सब स्टेशन के अचानक फेल हो जाने से करीब 6 हजार विद्युत यूनिट का नुकसान होने की जानकारी मिली है।
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परियोजना से 132 सब स्टेशन हमीरपुर, चुला मटनसिद्ध और डैहन सब स्टेशनों में भी बिजली की आपूर्ति होती है। वहीं जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र का 80 प्रतिशत क्षेत्र भी बस्सी परियोजना पर निर्भर है।
उपभोक्ताओं को परेशानी
बस्सी परियोजना में तकनीकी खराबी आने से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी है। हालांकि बोर्ड कर्मचारियों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया।
अरुण धीमान, रेजिडेंट इंजीनियर बस्सी परियोजना