फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   बंदरों के आतंक से शहर को जल्द मिलेगी मुक्ति

बंदरों के आतंक से शहर को जल्द मिलेगी मुक्ति

Wed, 20 Feb 2019 10:06 PM IST
tajinder singh tajinder singh
Updated Wed, 20 Feb 2019 10:06 PM IST
विज्ञापन
बंदरों के आतंक से शहर को जल्द मिलेगी मुक्ति
मंडी। शहरवासियों को जल्द ही बंदरों की गंभीर समस्या से राहत मिलने वाली है। इसके लिए वन विभाग, नगर परिषद और प्रशासन ने जहां इनको पकड़कर नसबंदी का अभियान जोरों पर चला रखा है। वहीं, लोगों को इनके हमले से बचने और तुरंत उपचार के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। शिवरात्रि से पहले 500 बंदरों की नसबंदी का टारगेट मार्च से पहले पूरा किया जाएगा। अभी तक विभाग ने करीब 430 बंदरों को पकड़ नसबंदी की है। वहीं, जल्द ही टारगेट को पूरा किया जाएगा। वन विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो अब इस समस्या से जल्द ही निजात मिलेगी। इसके लिए उन्होंने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वह इसमें सहयोग करें। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बंदर जंगल के प्राणी हैं, लेकिन शहर में लोगों के द्वारा उनको खाने के लिए बहुत अधिक खाद्य सामग्री दी जा रही है। इसके चलते यह प्राणी शहर में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि बंदरों को खाने पीने की सामग्री देना बंद कर दें और कोई भी खाद्य सामग्री खुले में न रखें। अगर पूरे शहर में बंदरों को कुछ खाने को नहीं मिलेगा तो वह जंगल का रुख कर लेंगे और समस्या से शहर के लोगों को निजात मिल जाएगी। इस बारे में नगर परिषद अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने बताया कि उन्होंने शहर के लोगों को शिवरात्रि से पहले बंदरों से निजात दिलाने का वादा किया है, जिसके लिए वह विभाग के साथ मिलकर प्रयास में जुटे हैं।
विज्ञापन


बंदरों से सामना होने पर रखें इन बातों का ख्याल : डीएफओ
डीएफओ एसएस कश्यप ने बताया कि वन विभाग शहर को बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए उन्होंने जनता का भी सहयोग मांग है। उन्होंने बताया कि अगर बंदरों से सामना हो जाए तो बंदरों से आंखें न मिलाएं। चुपचाप नजरें नीची करके हल्के कदमों से निकलें, बंदरों को कभी न चिढ़ाएं, उनको खाने के लिए कभी कुछ न दें। अधिक बंदरों वाले स्थान से अकेले न जाएं, ऐसी स्थिति में अपने साथ डंडा ले जाएं ताकि आप उन्हें डरा सकें। बची खाद्य सामग्री इधर उधर न फेंकें। अगर किसी चीज को देखकर बंद हमला करें तो उस चीज को दूर फेंक दें। उन्होंने कहा कि बिना वजह बंदरों को न डराएं नहीं तो वह आप पर हमला कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed