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आऊटसोर्स कर्मियों के लिए ठोस नीति न बनने कर्मचारी निराश

Fri, 30 Mar 2018 10:03 PM IST
Updated Fri, 30 Mar 2018 10:03 PM IST
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आऊटसोर्स कर्मियों के लिए ठोस नीति न बनने कर्मचारी निराश
आउटसोर्स कर्मियों के लिए बने ठोस नीति
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आउटसोर्सिंग संघ ने प्रदेश सरकार से की मांग
तीन अप्रैल को मुख्यमंत्री को सौंपेंगे मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्सिंग संघ ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए प्रदेश सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे अरसे से विभिन्न विभागों में हजारों आउटसोर्स कर्मियों के लिए प्रदेश में आज तक सत्ता में रही कोई भी सरकार नीति नहीं बना पाई है।

संघ के प्रधान यूनुस अख्तर और उपप्रधान कमलेश ठाकुर ने कहा कि हजारों कर्मचारी 10-15 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन, इनके लिए अभी तक इस वर्ग के कर्मचारियों के लिए ठोस नीति न बनने से इस वर्ग में रोष है। कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अभी तक किसी भी सरकार ने कोई विशेष कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संघ तीन अप्रैल को विधानसभा सत्र के दौरान सीएम जयराम ठाकुर के समक्ष अपनी मांगे रखेगा। उनसे जल्द उक्त कर्मचारियों के लिए नीति बनाने के लिए मांग की जाएगी। उन्होंने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक संख्या में तीन अप्रैल को विधानसभा में पहुंच कर मांगों को सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से रखें।
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