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जीरो लागत खेती बारे जागरूक करने के लिए फील्ड में उतरा कृषि विभाग
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:20 PM IST
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जीरो लागत खेती पर जागरूक करने
के लिए फील्ड में उतरा कृषि विभाग
नेर घरवासड़ा पंचायत के मझारनु में लगाया जागरूकता शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
पधर (मंडी)। जीरो बजट प्राकृतिक खेती के प्रचार प्रसार और किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग अब ग्रामीण स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है। विभाग ने इसका एक्शन प्लान तैयार कर लिया है।
कृषि विभाग की टीम प्रदेश की सभी 3226 पंचायतों के हर गांव में किसानों को शून्य लागत खेती के बारे में जागरूक करेगी। विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत नेर घरवासड़ा के मझारनु में आयोजित शून्य लागत खेती शिविर दौरान कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. केसी ठाकुर ने कहा कि हर गांव में ऐसे युवाओं का चयन किया जाएगा, जो कृषि पर ही निर्भर हैं। ऐसे युवाओं को विभाग जीरो बजट खेती करने के लिए मोटिवेट करेगा। उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। जीरो बजट प्राकृतिक खेती किस तरह की जाए, इसके बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान इन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। वहीं, देश के अन्य राज्यों का भ्रमण भी करवाया जाएगा, जहां इस तरह की खेती की जाती है। उन्होंने कहा कि पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर के सहयोग से राज्य में इस पर कार्य किया जा रहा है। द्रंग खंड की सभी पंचायतों में इस खेती का मॉडल तैयार कर सभी किसानों को इसको अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए पंचायतों से कुछ किसानों को कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। ये मास्टर ट्रेनर कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ किसानों को जीरो बजट खेती, नेचुरल फार्मिंग और आर्गेनिक तीनों तरह की खेती में से कौन सी बेहतर है, उसका डेमोस्ट्रेशन विवि में किसानों को देंगे। शून्य लागत प्राकृतिक खेती ही किसानों की आय को दोगुना करने का एक मात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत शून्य है, जबकि उत्पादन ज्यादा है और इनके दाम भी अच्छे मिलते हैं। कृषि विकास अधिकारी डॉ. पीसी ठाकुर, डॉ. आरके ठाकुर और पूजा राणा ने किसानों को शून्य लागत खेती के साथ-साथ अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर इंदिरा राणा, मीना कुमारी, सोनिया, अंजना, हरीश, देवेंद्र कुमार, संतोष कुमार, लव कुमार, अजय और अश्वनी सहित लगभग दो दर्जन महिलाओं ने शिविर में भाग लिया।
फोटो शीर्षक-नेर घरवासड़ा पंचायत के मझारनु में आयोजित कृषि शिविर में भाग लेते महिलाएं।
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के लिए फील्ड में उतरा कृषि विभाग
नेर घरवासड़ा पंचायत के मझारनु में लगाया जागरूकता शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
पधर (मंडी)। जीरो बजट प्राकृतिक खेती के प्रचार प्रसार और किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग अब ग्रामीण स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है। विभाग ने इसका एक्शन प्लान तैयार कर लिया है।
कृषि विभाग की टीम प्रदेश की सभी 3226 पंचायतों के हर गांव में किसानों को शून्य लागत खेती के बारे में जागरूक करेगी। विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत नेर घरवासड़ा के मझारनु में आयोजित शून्य लागत खेती शिविर दौरान कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. केसी ठाकुर ने कहा कि हर गांव में ऐसे युवाओं का चयन किया जाएगा, जो कृषि पर ही निर्भर हैं। ऐसे युवाओं को विभाग जीरो बजट खेती करने के लिए मोटिवेट करेगा। उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। जीरो बजट प्राकृतिक खेती किस तरह की जाए, इसके बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान इन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। वहीं, देश के अन्य राज्यों का भ्रमण भी करवाया जाएगा, जहां इस तरह की खेती की जाती है। उन्होंने कहा कि पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर के सहयोग से राज्य में इस पर कार्य किया जा रहा है। द्रंग खंड की सभी पंचायतों में इस खेती का मॉडल तैयार कर सभी किसानों को इसको अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए पंचायतों से कुछ किसानों को कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। ये मास्टर ट्रेनर कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ किसानों को जीरो बजट खेती, नेचुरल फार्मिंग और आर्गेनिक तीनों तरह की खेती में से कौन सी बेहतर है, उसका डेमोस्ट्रेशन विवि में किसानों को देंगे। शून्य लागत प्राकृतिक खेती ही किसानों की आय को दोगुना करने का एक मात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत शून्य है, जबकि उत्पादन ज्यादा है और इनके दाम भी अच्छे मिलते हैं। कृषि विकास अधिकारी डॉ. पीसी ठाकुर, डॉ. आरके ठाकुर और पूजा राणा ने किसानों को शून्य लागत खेती के साथ-साथ अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर इंदिरा राणा, मीना कुमारी, सोनिया, अंजना, हरीश, देवेंद्र कुमार, संतोष कुमार, लव कुमार, अजय और अश्वनी सहित लगभग दो दर्जन महिलाओं ने शिविर में भाग लिया।
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फोटो शीर्षक-नेर घरवासड़ा पंचायत के मझारनु में आयोजित कृषि शिविर में भाग लेते महिलाएं।