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डेंटल चेयर नहीं और तैनात कर दिए दंत चिकित्सक
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:12 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। वाह रहे स्वास्थ्य विभाग। कहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं तो वहां चिकित्सक नहीं हैं। जहां चिकित्सक हैं वहां पर मरीजों को देखने के लिए सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं है। यह हाल सुंदरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं का है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डैहर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनैड में दो दंत चिकित्सकों को नियुक्ति दी है। लेकिन, वहां डेंटल चेयर ही नहीं उपलब्ध करवाई गई है। सितंबर से दोनों सेवाएं दे रहे हैं। दंत रोगियों को सामान्य दवाएं लिखी जा रही हैं। बिना डेंटल चेयर के न तो सर्जरी हो रही है, न ही दांत निकल रहे हैं। ऐसे में दोनों ही स्थानों पर तैनात दंत चिकित्सक सुविधाओं के अभाव में दंत चिकित्सा के लिए आने वाले मरीजों को दवा लिखने के अलावा कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने गत 22 सितंबर को सूबे में 19 दंत चिकित्सकों को नियुक्तियां देने के साथ उनके विभिन्न स्थानों पर पद सृजित भी कर दिए हैं। लेकिन, जहां पद स्वीकृत किए हैं वहां पर चिकित्सक नियुक्त करने के अलावा कोई अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
लोगों की जुबानी
स्थानीय निवासी बिशन दास, भीम सिंह, दया राम, किशोरी लाल और आलम शर्मा का कहना है कि सुविधाएं न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें उपचार के लिए सुंदरनगर स्थित नागरिक अस्पताल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह इन केंद्रों में जल्द से जल्द हर सुविधा उपलब्ध करवाए ताकि मरीजों को घर द्वार पर बेहतर उपचार मिल सके।
डेंटल चेयर बिना कैसे होगी सर्जरी और निकलेंगे दांत
उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए दंत चिकित्सा के लिए डेंटल चेयर होना जरूरी है। लेकिन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डैहर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनैड में चिकित्सक की नियुक्ति के चार माह बाद भी डेंटल चेयर अब तक उपलब्ध ही नहीं करवाई गई है। अस्पताल में जहां पर डेंटल चेयर लगनी है वहां पर बेड लगाया गया है। जिस पर लेटा कर मरीज के दांतों की चिकित्सकों को जांच करनी पड़ रही है।
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सहयोगी स्टाफ और लैब भी नहीं है उपलब्ध
दोनों ही स्वास्थ्य केंद्रों में दंत चिकित्सक को सहयोग करने के लिए सहयोगी स्टाफ भी उपलब्ध नहीं करवाया गया है। जहां पर दंत चिकित्सक नियुक्त किया जाता है वहीं पर एक डेंटल मेकेनिक या डेंटल हाइजिनिस्ट का पद सृजित होता है। इसके साथ ही दंत चिकित्सा कक्ष में साफ सफाई के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी दिया जाता है। वहीं मरीजों को दांत लगाने और सामान रखने के लिए लैब का भी प्रबंध किया जाता है। लेकिन, यहां पर इनमें से एक भी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
विभाग से सुविधाएं उपलब्ध करवाने की उठाई है मांग
सुंदरनगर के सीएचसी डैहर और पीएचसी कनैड में दंत चिकित्सक के पद सृजित कर वहां पर नियुक्ति की गई है लेकिन, नियुक्ति के कुछ दिनों के अंदर ही प्रदेश में आचार संहिता लग गई। जिस कारण अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाईं। मामला विभाग के संज्ञान में है। शीघ्र ही दोनों केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
डा. अविनाश पंवर, खंड स्वास्थ्य अधिकारी रोहांड़ा।
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लोगों की जुबानी
स्थानीय निवासी बिशन दास, भीम सिंह, दया राम, किशोरी लाल और आलम शर्मा का कहना है कि सुविधाएं न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें उपचार के लिए सुंदरनगर स्थित नागरिक अस्पताल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह इन केंद्रों में जल्द से जल्द हर सुविधा उपलब्ध करवाए ताकि मरीजों को घर द्वार पर बेहतर उपचार मिल सके।
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डेंटल चेयर बिना कैसे होगी सर्जरी और निकलेंगे दांत
उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए दंत चिकित्सा के लिए डेंटल चेयर होना जरूरी है। लेकिन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डैहर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनैड में चिकित्सक की नियुक्ति के चार माह बाद भी डेंटल चेयर अब तक उपलब्ध ही नहीं करवाई गई है। अस्पताल में जहां पर डेंटल चेयर लगनी है वहां पर बेड लगाया गया है। जिस पर लेटा कर मरीज के दांतों की चिकित्सकों को जांच करनी पड़ रही है।
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सहयोगी स्टाफ और लैब भी नहीं है उपलब्ध
दोनों ही स्वास्थ्य केंद्रों में दंत चिकित्सक को सहयोग करने के लिए सहयोगी स्टाफ भी उपलब्ध नहीं करवाया गया है। जहां पर दंत चिकित्सक नियुक्त किया जाता है वहीं पर एक डेंटल मेकेनिक या डेंटल हाइजिनिस्ट का पद सृजित होता है। इसके साथ ही दंत चिकित्सा कक्ष में साफ सफाई के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी दिया जाता है। वहीं मरीजों को दांत लगाने और सामान रखने के लिए लैब का भी प्रबंध किया जाता है। लेकिन, यहां पर इनमें से एक भी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
विभाग से सुविधाएं उपलब्ध करवाने की उठाई है मांग
सुंदरनगर के सीएचसी डैहर और पीएचसी कनैड में दंत चिकित्सक के पद सृजित कर वहां पर नियुक्ति की गई है लेकिन, नियुक्ति के कुछ दिनों के अंदर ही प्रदेश में आचार संहिता लग गई। जिस कारण अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाईं। मामला विभाग के संज्ञान में है। शीघ्र ही दोनों केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
डा. अविनाश पंवर, खंड स्वास्थ्य अधिकारी रोहांड़ा।