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धर्म से भटके लोगों को धर्म से जोड़ा जाए : तिलकराज
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:08 PM IST
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भटके लोगों को धर्म से जोड़ा जाए : तिलकराज
जोगिंद्रनगर (मंडी )। समातन धर्मसभा मंदिर जोगिंद्रनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक आचार्य तिलक राज शर्मा ने भागवत महिमा का गुणगान करते हुए समुद्र मंथन की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि देवताओं और दैत्यों ने मिल कर समुद्र मंथन किया और भागवत कथा के अनुसार हर व्यक्ति के मन में दैत्य और देवता निवास करते हैं। जीव जब धर्म का कार्य करता है तो देवता कहलाता है और पाप करता है तो राक्षस कहलाता हैं। आचार्य तिलक ने कहा कि इन भटके हुए लोगों को पुन हिंदू धर्म में लाने के लिए धर्म गुरुओं को आगे आना चाहिए।
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जोगिंद्रनगर (मंडी )। समातन धर्मसभा मंदिर जोगिंद्रनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक आचार्य तिलक राज शर्मा ने भागवत महिमा का गुणगान करते हुए समुद्र मंथन की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि देवताओं और दैत्यों ने मिल कर समुद्र मंथन किया और भागवत कथा के अनुसार हर व्यक्ति के मन में दैत्य और देवता निवास करते हैं। जीव जब धर्म का कार्य करता है तो देवता कहलाता है और पाप करता है तो राक्षस कहलाता हैं। आचार्य तिलक ने कहा कि इन भटके हुए लोगों को पुन हिंदू धर्म में लाने के लिए धर्म गुरुओं को आगे आना चाहिए।