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चेक बाउंस होने पर एक कारावास, 1.76 लाख हर्जाना
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:00 PM IST
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मंडी। चेक बाउंस का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दोषी को एक साल के साधारण कारावास की सजा का फैसला सुनाया है। इसके अलावा आरोपी को 1 लाख 76 हजार रुपये हर्जाना भी अदा करना होगा।
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर तीन अशोक कुमार के न्यायालय ने बल्ह तहसील के पैड़ी गांव निवासी हिमाल चंद पुत्र सोहन लाल की शिकायत पर अभियोग साबित होने पर चच्योट तहसील के कुटाहची गांव निवासी आलम चंद पुत्र रघुवीर सिंह को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है। अधिवक्ता ललित गुलेरिया के माध्यम से अदालत में दायर याचिका के अनुसार आरोपी आलम चंद ने शिकायतकर्ता हिमाल चंद से राशि उधार ली थी। इस राशि को अदा करने के लिए आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक को भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से 15 दिनों का कानूनी नोटिस जारी करके राशि देने को कहा। राशि की अदायगी न करने के कारण उन्होंने अदालत में शिकायत दायर करके आरोपी पर अभियोग चलाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर चेक बाउंस का अभियोग साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाना अदा करने की सजा का फैसला सुनाया है।
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न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर तीन अशोक कुमार के न्यायालय ने बल्ह तहसील के पैड़ी गांव निवासी हिमाल चंद पुत्र सोहन लाल की शिकायत पर अभियोग साबित होने पर चच्योट तहसील के कुटाहची गांव निवासी आलम चंद पुत्र रघुवीर सिंह को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है। अधिवक्ता ललित गुलेरिया के माध्यम से अदालत में दायर याचिका के अनुसार आरोपी आलम चंद ने शिकायतकर्ता हिमाल चंद से राशि उधार ली थी। इस राशि को अदा करने के लिए आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक को भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से 15 दिनों का कानूनी नोटिस जारी करके राशि देने को कहा। राशि की अदायगी न करने के कारण उन्होंने अदालत में शिकायत दायर करके आरोपी पर अभियोग चलाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर चेक बाउंस का अभियोग साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाना अदा करने की सजा का फैसला सुनाया है।
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