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सीएम के विस क्षेत्र माता शिकारी धार्मिक पर्यटनस्थल जुड़ेगा रोपवे से
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:48 PM IST
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मंडी। किसान परिवार में जन्मे मुख्यमंत्री जयराम की सरकार ने बजट 2018-19 में किसान हित के लिए कई योजनाएं दी हैं। वहीं सिराज की अधिष्ठात्री मां शिकारी देवी तक रोपवे की घोषणा करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के अवसर सृजन करने की पहल की है। यही नहीं करसोग में हर्बल संस्थान और मंडी की आबोहवा को प्रदूषण से बचाने के लिए सुंदरनगर में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की प्रयोगशाला का प्रावधान करने की पहल करके जनता को प्रसन्न करने की कोशिश की है।
बेशक मंडी जिला के पहले सीएम के बजट की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। लेकिन औद्योगिक दृष्टि, परिवहन, नौकरी के अधिक अवसर और स्वरोजगार की दृष्टि से मंडी जिला को अधिक संबल बनाने के प्रयास पर्याप्त न होने का रोष भी लोगों में है। या यूं कहे कि बजट में मंडी जिला के लिए कुछ विशेष होने की उम्मीदों पर जनता को धक्का लगा है। ऐसे में बजट में लोगों कि मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। वहीं कारोबारियों के लिए कुछ खास न होने भी निराशा है।
मंडी जिला के ग्रामीण परिवेश में अस्सी फीसदी परिवार बागवानी और कृषि से संबंधित हैं। खासकर सीएम के गृहक्षेत्र सिराज के अलावा नाचन और करसोग एप्पल बेल्ट में इस बजट को खूब सराहना मिल रही है। मृदा हेल्थ कार्ड स्कीम का प्रसार, सिंचाई के लिए बिजली की यूनिट के दाम 1 रुपये से घटा कर 73 पैसे, 39 हजार किसानों को जैविक खेती के लिए जीरो बजट खेती, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के लिए बजट में 25 करोड़ का प्रावधान और किसानों को लोन देने के लिए बैंक मेले लगाए जाने आदि समेत हर जिले में तकनीकी सुधार पर बल दिए जाने की योजनाओं पर वाहवाही मिल रही है। जबकि मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस स्कीम योजना शुरू की। मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस स्कीम में पहले सब्सिडी 50 फीसदी को 75 फीसदी किया गया और बागवानी के लिए पावर टिलर स्कीम के लिए करोड़ के प्रावधान को भी सराहा जा रहा है।
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बेशक मंडी जिला के पहले सीएम के बजट की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। लेकिन औद्योगिक दृष्टि, परिवहन, नौकरी के अधिक अवसर और स्वरोजगार की दृष्टि से मंडी जिला को अधिक संबल बनाने के प्रयास पर्याप्त न होने का रोष भी लोगों में है। या यूं कहे कि बजट में मंडी जिला के लिए कुछ विशेष होने की उम्मीदों पर जनता को धक्का लगा है। ऐसे में बजट में लोगों कि मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। वहीं कारोबारियों के लिए कुछ खास न होने भी निराशा है।
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मंडी जिला के ग्रामीण परिवेश में अस्सी फीसदी परिवार बागवानी और कृषि से संबंधित हैं। खासकर सीएम के गृहक्षेत्र सिराज के अलावा नाचन और करसोग एप्पल बेल्ट में इस बजट को खूब सराहना मिल रही है। मृदा हेल्थ कार्ड स्कीम का प्रसार, सिंचाई के लिए बिजली की यूनिट के दाम 1 रुपये से घटा कर 73 पैसे, 39 हजार किसानों को जैविक खेती के लिए जीरो बजट खेती, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के लिए बजट में 25 करोड़ का प्रावधान और किसानों को लोन देने के लिए बैंक मेले लगाए जाने आदि समेत हर जिले में तकनीकी सुधार पर बल दिए जाने की योजनाओं पर वाहवाही मिल रही है। जबकि मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस स्कीम योजना शुरू की। मुख्यमंत्री ग्रीन हाउस स्कीम में पहले सब्सिडी 50 फीसदी को 75 फीसदी किया गया और बागवानी के लिए पावर टिलर स्कीम के लिए करोड़ के प्रावधान को भी सराहा जा रहा है।
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