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करसोग व सुंदरनगर के प्राचीन मंदिरों में सुरक्षा राम भरोसे

Mon, 21 Aug 2017 10:11 PM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:11 PM IST
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करसोग व सुंदरनगर के प्राचीन मंदिरों में सुरक्षा राम भरोसे
सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश में प्राचीन मंदिरों में सेंध लगाने वाले चोर गिरोह की सक्रियता ने लोगों को सकते में डाल दिया है। शिमला जिले के चौपाल स्थित प्राचीन शिरगुल मंदिर में लोगों की आस्था की प्रतीक अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी की वारदात के उपरांत यहां जिला भर में लोग अपने आराध्य देवों के मंदिरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे हैं। जिला मंडी के सुंदरनगर और करसोग क्षेत्र में पूर्व सुकेत रियासतकाल के समय और उससे पहले की अनेक प्राचीन और ऐतिहासिक दुर्लभ मूर्तियां विराजमान हैं। इनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में बताई जाती है। धरोहरों की सुरक्षा को लेेकर यहां पुलिस-प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम न करने के कारण पूर्व में भी कई मर्तबा चोरी की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। प्रदेश के दूसरे जिलों में चोरी की हो रही घटनाओं का साया अब मंडी जिला पर भी पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। यहां पर प्रशासन की ओर से प्राचीन मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के अभाव में चोरी की वारदातों को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है।
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हो चुकी हैं कई वारदातें
पूर्व में सुंदरनगर के शीतला माता मंदिर, शिकारी माता मंदिर, सरस्वती माता मंदिर, बल्ह के महाकाली और अंबिका माता मंदिर, बलद्वाड़ा स्थित श्यामाकाली मंदिर, सरकाघाट के नवाही माता मंदिर सहित अनेक स्थानों पर चोरों ने लाखों के आभूषण चोरी करने की वारदात को अंजाम दिया है। इसके अलावा सुंदरनगर में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने भगवान सूर्य मंदिर, रियासतकालीन महामाया मंदिर और जंगमबाग स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर में भी पूर्व में चोरी की कई बार घटनाएं घटित हो चुकी है। हालांकि सूर्य मंदिर से चोरी हुई भगवान सूर्य की अष्टधातु की मूर्ति को पठानकोट से और राधा कृष्ण मंदिर से दो बार चोरी हुई अष्टधातु की मूर्ति को भी बरामद कर लिया गया था। लेकिन, इन घटनाओं के बाद भी यहां पर सूर्य मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, महामाया मंदिर, भगवान नरसिंह मंदिर और भगवान जगननाथ मंदिर और पूर्व सुकेत रियासत का हिस्सा रहे करसोग क्षेत्र में स्थित पांडव कालीन ममलेश्वर महादेव मंदिर, कामाक्षा महामाया मंदिर, पांगणा स्थित महामाया मंदिर व छतरी मंदिर सहित करीब एक दर्जन प्राचीन मंदिरों में जहां हजारों वर्ष पुरानी दुर्लभ मूर्तियां विराजमान है, की सुरक्षा राम भरोसे ही है। अगर इनकी सुरक्षा के लिए समय रहते कारगर इंतजाम न किए गए तो यहां पर कभी भी इस तरह की बड़ी वारदात अंजाम दी जा सकती है।
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दुर्लभ मूर्तियों की सुरक्षा के लिए उठाने चाहिए कदम
स्वयंसेवी संस्था प्राचीन धरोहर सुरक्षा समिति के सचिव यशपाल चंदेल ने सूबे में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार से दुर्लभ मूर्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। इधर, सुकेत मंदिर कमेटी सुंदरनगर के सचिव एवं तहसीलदार वेद प्रकाश ने बताया कि चोरी की वारदातों को रोकने के लिए जनपद के प्राचीन मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। वहीं मंदिर कमेटियों से एहतियात के तौर पर चौकीदार रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इस स्तर पर प्राचीन मंदिरों में पुलिस गश्त बढ़ाने की भी बात कही है।
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