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अराध्यदेव कमरूनाग मंदिर रोप वे से जुड़े तो युवाओं को मिलेगा पर्यटन कारोबार
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:12 PM IST
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कमरूघाटी का विहंशगम नजारा एवं झील का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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चैलचौक (मंडी)। पर्यटन की अपार संभावनाएं संजोए मंडी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बड़ा देव कमरूनाग मंदिर अगर रोप वे से जुड़े तो धार्मिक पर्यटन और रोजगार का नया अध्याय लिखा जा सकता है। यह मंदिर अभी तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। क्षेत्र के हजारों लोगों और देव समाज से जुड़े लोगों का तर्क है कि अगर कमरूनाग रोप वे से जुड़ जाए तो पर्यटन के क्षेत्र में कमरूनाग मंडी जिले का पहला ऐसा पर्यटन स्थल होगा, जहां का नैसर्गिक नजारा ही कुछ और होगा।
सरकार से इस मांग को मनवाने के लिए कई पंचायत प्रतिनिधियों ने इसके बारे में सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने की तैयारी शुरू कर दी है। कमरूनाग को रोप वे से जोड़ने की मांग के समर्थन में कमरूघाटी के हजारों लोग समर्थन में आ गए हैं। एक ओर जहां कमरूनाग मंदिर तक सड़क न पहुंचने से लोग निराश हैं, वहीं इसके विकल्प के रूप में कमरूघाटी के लोग कमरूनाग मंदिर को रोप वे से जोड़ने के रूप में अब देख रहे हैं। लोगों की इस मांग को सरकार तक पहुंचाने की जोर शोर से लोग और पंचायत प्रतिनिधि जुट गए हैं। क्षेत्र के लोग सरकार से मांग उठा रहे हैं कि कमरूनाग मंदिर के लिए रोप वे का शीघ्र सर्वे किया जाए।
11 हजार फीट की ऊंचाई पर है कमरूनाग मंदिर
समुद्र तल से ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर बड़ा देव कमरूनाग का सुंदर प्राचीन मंदिर है। मंदिर के समीप एक पवित्र झील है, जिसमें श्रद्धालु और पर्यटक स्नान नहीं बल्कि सोना, चांदी और नकदी को बतौर चढ़ावा चढ़ाते हैं। बड़ा देव कमरूनाग को बस जरूरत है तो पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की।
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मंडी जिले के सबसे बड़ा देव हैं कमरूनाग
मंडी जिले में कमरूनाग को बड़ा देव का दर्जा भी प्राप्त है। देव कमरूनाग रई, तोष, खरशू और महरू के जंगल में विराजमान हैं। झील के किनारे देवता का मंदिर है, जहां हर वर्ष प्रसिद्ध सरानाहुली मेला लगता है। बड़ा देव कमरूनाग प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। कमरूनाग से हिमाचल की सभी पहाड़ियां नजर आती हैं। इस धार्मिक स्थल पर पहुंचकर दोबारा वापस लौटने का मन ही नहीं करता है।
यह कहना है पंचायत प्रतिनिधियों का
पंचायत उपप्रधान शिल्हणु भीम सिंह, छम्यार प्रधान रेलू राम, किलिंग पंचायत उप प्रधान कृष्ण कुमार, चैलचौक पंचायत प्रधान कुमार चंद, चच्योट उप प्रधान ओम प्रकाश नेगी, नौण पंचायत प्रधान सारिका, रोहांडा पंचायत प्रधान देवेंद्र और स्थानीय लोगों राम लाल ठाकुर, सुरेश शर्मा, गंगवीर चौधरी, आशुतोष चौधरी, परम देव और विकास गुप्ता ने सरकार से मांग उठाई है कि कमरूनाग को सरकार रोप वे से जोड़ती है तो क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान होंगे।
गूर देव कमरूनाग लीलमणी ठाकुर ने कहा कि कमरूनाग को सड़क मार्ग से जोड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण अगर कमरूनाग के लिए रोप वे की मांग उठा रहे हैं तो इसके बारे में सरकार से बात उठाई जाएगी। नाचन के विधायक विनोद कुमार का कहना है कि विस क्षेत्र कमरूनाग को रोप वे से सरकार जोड़ती है तो पर्यटन को पंख लगने के साथ साथ क्षेत्र के लोग स्वावलंबी बनेेंगे।
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सरकार से इस मांग को मनवाने के लिए कई पंचायत प्रतिनिधियों ने इसके बारे में सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने की तैयारी शुरू कर दी है। कमरूनाग को रोप वे से जोड़ने की मांग के समर्थन में कमरूघाटी के हजारों लोग समर्थन में आ गए हैं। एक ओर जहां कमरूनाग मंदिर तक सड़क न पहुंचने से लोग निराश हैं, वहीं इसके विकल्प के रूप में कमरूघाटी के लोग कमरूनाग मंदिर को रोप वे से जोड़ने के रूप में अब देख रहे हैं। लोगों की इस मांग को सरकार तक पहुंचाने की जोर शोर से लोग और पंचायत प्रतिनिधि जुट गए हैं। क्षेत्र के लोग सरकार से मांग उठा रहे हैं कि कमरूनाग मंदिर के लिए रोप वे का शीघ्र सर्वे किया जाए।
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11 हजार फीट की ऊंचाई पर है कमरूनाग मंदिर
समुद्र तल से ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर बड़ा देव कमरूनाग का सुंदर प्राचीन मंदिर है। मंदिर के समीप एक पवित्र झील है, जिसमें श्रद्धालु और पर्यटक स्नान नहीं बल्कि सोना, चांदी और नकदी को बतौर चढ़ावा चढ़ाते हैं। बड़ा देव कमरूनाग को बस जरूरत है तो पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की।
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मंडी जिले के सबसे बड़ा देव हैं कमरूनाग
मंडी जिले में कमरूनाग को बड़ा देव का दर्जा भी प्राप्त है। देव कमरूनाग रई, तोष, खरशू और महरू के जंगल में विराजमान हैं। झील के किनारे देवता का मंदिर है, जहां हर वर्ष प्रसिद्ध सरानाहुली मेला लगता है। बड़ा देव कमरूनाग प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। कमरूनाग से हिमाचल की सभी पहाड़ियां नजर आती हैं। इस धार्मिक स्थल पर पहुंचकर दोबारा वापस लौटने का मन ही नहीं करता है।
यह कहना है पंचायत प्रतिनिधियों का
पंचायत उपप्रधान शिल्हणु भीम सिंह, छम्यार प्रधान रेलू राम, किलिंग पंचायत उप प्रधान कृष्ण कुमार, चैलचौक पंचायत प्रधान कुमार चंद, चच्योट उप प्रधान ओम प्रकाश नेगी, नौण पंचायत प्रधान सारिका, रोहांडा पंचायत प्रधान देवेंद्र और स्थानीय लोगों राम लाल ठाकुर, सुरेश शर्मा, गंगवीर चौधरी, आशुतोष चौधरी, परम देव और विकास गुप्ता ने सरकार से मांग उठाई है कि कमरूनाग को सरकार रोप वे से जोड़ती है तो क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान होंगे।
गूर देव कमरूनाग लीलमणी ठाकुर ने कहा कि कमरूनाग को सड़क मार्ग से जोड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण अगर कमरूनाग के लिए रोप वे की मांग उठा रहे हैं तो इसके बारे में सरकार से बात उठाई जाएगी। नाचन के विधायक विनोद कुमार का कहना है कि विस क्षेत्र कमरूनाग को रोप वे से सरकार जोड़ती है तो पर्यटन को पंख लगने के साथ साथ क्षेत्र के लोग स्वावलंबी बनेेंगे।