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बच्चों को कराहता देख छलक गए परिजनों की आंखों से आंसू
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:50 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। एंबुलेंस की आवाज से रविवार को 12:30 बजे के करीब एकाएक ही मंडी शहर में लोग चौकन्ना हो गए। लगा कहीं कोई बड़ा हादसा हो गया हो। तेज रफ्तार से चली यूपी नंबर की चार एंबुलेंस सीधा जोनल अस्पताल मंडी के गेट पर रुकीं। एंबुलेंस में आगरा के यमुना एक्सप्रेस वे पर शुक्रवार को हुए बस हादसे के घायल लाए गए थे। एक के बाद एक चार एंबुलेंस अस्पताल के गेट पर आकर रुकीं। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत चौकसी दिखाते हुए घायलों को कैजुअल्टी वार्ड में पहुंचाया। बच्चे अभी भी गहरे जख्मों के दर्द से कराह रहे हैं। गेट पर लोगों की खासी भीड़ जुट गई है। आपातकालीन वार्ड में डॉक्टर शेखर और डॉ. नैना बच्चों का चेकअप करने में जुट जाते हैं। इतने में वार्ड के बाहर परिजनों की भीड़ भी जुट जाती है। यूपी पुलिस, हिमाचल पुलिस और अस्पताल में तैनात निजी कंपनी के सिक्योरिटी जवान बच्चों को वार्ड तक पहुंचाते हैं। कुछ घायल बच्चों के साथ उनके परिजन भी हैं। कुछ अभी अस्पताल में पहुंचे हैं। बच्चों के दर्द की कराहना सुन कर परिजनों की आंखों से आंसू छलक आते हैं।
समय 12:41। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली घायल छात्रा मुस्कान की माता अंजुला गेट के अंदर दाखिल होती है। एक व्यक्ति से पूछती है कि कहां हैं हमारे बच्चे। कैजुअल्टी वार्ड की ओर इशारा मिलते ही अंजुला आगे बढ़ जाती हैं। इतने में वार्ड के दरवाजे पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड उन्हें रोक देते हैं। वार्ड में डाक्टर बच्चों को चेकअप कर रहे हैं। बच्ची को देखने के लिए बेचैन मां की आंखों से आंसू बहने लगते हैं। साथ में आए रिश्तेदार अंजुला को संभालते हैं। वहीं, नवमी कक्षा का छात्र नवनीत वार्ड से बाहर पहुंचता है। नवनीत के नाक पर हल्की चोट लगी है। लेकिन, 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बहन लता को सिर पर गंभीर चोटें लगी हैं। उसे एक्सरे करवाने के लिए ले जाया गया है। नवनीत हादसे से अभी तक उबरा नहीं है। चचेरे भाई चमन से बात करते हुए नवनीत कहता है कि बस में सबसे पीछे बैठा था। इसलिए कम चोट लगी। चमन सेना में बठिंडा में तैनात है। शुक्रवार को सात बजे की सूचना मिलते ही वह तुरंत आगरा में अस्पताल में पहुंचा। वहां से अपने भाई बहनों को एंबुलेंस में लेकर मंडी में पहुुंचा। अभी तीन बजे तक अस्पताल में छह घायल विद्यार्थी ही पहुंचे हैं।
सिर और पैर पर लगी चोटें : डाक्टर
घायल बच्चों का चेकअप करने वाले डॉ. शेखर ने कहा कि कई बच्चों को गंभीर चोटें लगी है। अधिकतर के टांगों और सिर पर जख्म हैं। बच्चों का उपचार किया जा रहा है। सभी फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
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समय 12:41। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली घायल छात्रा मुस्कान की माता अंजुला गेट के अंदर दाखिल होती है। एक व्यक्ति से पूछती है कि कहां हैं हमारे बच्चे। कैजुअल्टी वार्ड की ओर इशारा मिलते ही अंजुला आगे बढ़ जाती हैं। इतने में वार्ड के दरवाजे पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड उन्हें रोक देते हैं। वार्ड में डाक्टर बच्चों को चेकअप कर रहे हैं। बच्ची को देखने के लिए बेचैन मां की आंखों से आंसू बहने लगते हैं। साथ में आए रिश्तेदार अंजुला को संभालते हैं। वहीं, नवमी कक्षा का छात्र नवनीत वार्ड से बाहर पहुंचता है। नवनीत के नाक पर हल्की चोट लगी है। लेकिन, 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बहन लता को सिर पर गंभीर चोटें लगी हैं। उसे एक्सरे करवाने के लिए ले जाया गया है। नवनीत हादसे से अभी तक उबरा नहीं है। चचेरे भाई चमन से बात करते हुए नवनीत कहता है कि बस में सबसे पीछे बैठा था। इसलिए कम चोट लगी। चमन सेना में बठिंडा में तैनात है। शुक्रवार को सात बजे की सूचना मिलते ही वह तुरंत आगरा में अस्पताल में पहुंचा। वहां से अपने भाई बहनों को एंबुलेंस में लेकर मंडी में पहुुंचा। अभी तीन बजे तक अस्पताल में छह घायल विद्यार्थी ही पहुंचे हैं।
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सिर और पैर पर लगी चोटें : डाक्टर
घायल बच्चों का चेकअप करने वाले डॉ. शेखर ने कहा कि कई बच्चों को गंभीर चोटें लगी है। अधिकतर के टांगों और सिर पर जख्म हैं। बच्चों का उपचार किया जा रहा है। सभी फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
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