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हाइवे के ब्लैक स्पॉट पर लगेंगे स्टील बीम
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अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी-पठानकोट हाईवे पर ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील प्वांइट्स पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्टील बीम लगेंगे। वहीं, रेडियम के सूचक भी लगेंगे जो रात के अंधेरे में चमकेंगे और चालकों को सावधान करेंगे। मंडी से जोगिंद्रनगर करीब 57 किमी लंबे एनएच को करोड़ों की लागत से चकाचक किया जा रहा है, जिससे रोजाना सैकड़ों की संख्या में गुजरने वाले सैलानियों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। सड़क से होकर रोजाना भारी संख्या में पर्यटक निजी वाहन, परिवहन और निजी बसों से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क के जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। हादसों का भी अंदेशा बना रहता था।
पहले मंडी जिले की आरंभ सीमा घट्टा से चौंतड़ा और लदरूहीं तक करोड़ों खर्च कर सड़क की हालत को सुधारा गया था। अब शहर की आरंभ सीमा से छाणंग तक की करीब 14 किलोमीटर सड़क की टारिंग पर करीब दो करोड़ का खर्चा किया गया है। जोगिंद्रनगर से जिला मंडी की कुल 57 किलोमीटर दूरी के करीब 80 प्रतिशत हिस्से पर टारिंग कर सड़क को चकाचक किया जा चुका है जो वाहन चालकों को लिए बड़ी राहत है।
स्टील बीम लगाने को दिए दिशानिर्देश : एसडीएम
एसडीएम अमित मैहरा ने बताया कि जोगिंद्रनगर-मंडी सड़क की मरम्मत पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से करोड़ों से सड़क की हालत में सुधार किया गया है। कुछ चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर स्टील बीम लगाने के लिए भी संबंधित विभाग को उचित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। सड़क दुर्घटनाओं में लगाम लगाने के लिए समय-समय पर सड़क की मरम्मत अनिवार्य है। शहर की मुख्य सड़क पर भी टारिंग हो जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी-पठानकोट हाईवे पर ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील प्वांइट्स पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्टील बीम लगेंगे। वहीं, रेडियम के सूचक भी लगेंगे जो रात के अंधेरे में चमकेंगे और चालकों को सावधान करेंगे। मंडी से जोगिंद्रनगर करीब 57 किमी लंबे एनएच को करोड़ों की लागत से चकाचक किया जा रहा है, जिससे रोजाना सैकड़ों की संख्या में गुजरने वाले सैलानियों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। सड़क से होकर रोजाना भारी संख्या में पर्यटक निजी वाहन, परिवहन और निजी बसों से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क के जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। हादसों का भी अंदेशा बना रहता था।
पहले मंडी जिले की आरंभ सीमा घट्टा से चौंतड़ा और लदरूहीं तक करोड़ों खर्च कर सड़क की हालत को सुधारा गया था। अब शहर की आरंभ सीमा से छाणंग तक की करीब 14 किलोमीटर सड़क की टारिंग पर करीब दो करोड़ का खर्चा किया गया है। जोगिंद्रनगर से जिला मंडी की कुल 57 किलोमीटर दूरी के करीब 80 प्रतिशत हिस्से पर टारिंग कर सड़क को चकाचक किया जा चुका है जो वाहन चालकों को लिए बड़ी राहत है।
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स्टील बीम लगाने को दिए दिशानिर्देश : एसडीएम
एसडीएम अमित मैहरा ने बताया कि जोगिंद्रनगर-मंडी सड़क की मरम्मत पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से करोड़ों से सड़क की हालत में सुधार किया गया है। कुछ चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर स्टील बीम लगाने के लिए भी संबंधित विभाग को उचित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। सड़क दुर्घटनाओं में लगाम लगाने के लिए समय-समय पर सड़क की मरम्मत अनिवार्य है। शहर की मुख्य सड़क पर भी टारिंग हो जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है।
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