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नप मंडी में इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुनी सुमन ठाकुर
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:08 PM IST
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नगर परिषद मंडी के अध्यक्ष पद पर भी भाजपा का परचम
सब हेड
सीएम के गृह जिला में कांग्रेस के साथ फ्रेंडली मैच खेल नप अध्यक्ष बनीं सुमन
क्रासर
सोमवार 11 बजे के बाद भरा एकमात्र नामांकन पत्र
किसी पार्षद ने अध्यक्ष पद को नहीं ठोकी दावेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। सीएम के गृह जिला के सबसे बड़े नगर निकाय मंडी में भाजपा ने कांग्रेस पार्षदों के साथ फ्रेंडली मैच खेलकर नप अध्यक्ष की कुर्सी पर सर्वसम्मति से भाजपा का परचम लहरा दिया है। स्थानीय नगर निकाय के इतिहास में शायद पहली दफा ऐसे समीकरणों में बिना किसी विरोध के आपसी सहमति से नप अध्यक्ष चुना गया है। अब भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष एवं पार्षद सुमन ठाकुर नई अध्यक्ष बन गई हैं।
हालांकि, सीएम की विश्वासपात्र होने की मुहर के साथ पहले ही उनका नाम अध्यक्ष पद के लिए फाइनल हो चुका था। लेकिन सोमवार को नगर परिषद की बैठक में अध्यक्ष पद पर उनकी विधिवत ताजपोशी की गई। 11 बजे के बाद उन्होंने नामांकन पत्र दायर किया। अन्य किसी भी पार्षद ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी नहीं ठोकी। एसडीएम सदर मदन कुमार ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए एक ही नामांकन मिला। इसके बाद पार्षदों ने सर्वसम्मति से सुमन ठाकुर को नया अध्यक्ष चुन लिया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुमन ठाकुर को नगर परिषद मंडी का सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। सीएम ने सभी पार्षदों का धन्यवाद करते हुए साथ मिलकर मंडी को को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का आह्वान किया है।
नीलम ने पहले ही दे दिया था इस्तीफा
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जनवरी की शुरुआत में ही कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष नीलम शर्मा ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। बहुमत होने के बावजूद इस्तीफा दे दिया था।
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तो नप की सियासी पिच पर ऐसा खेला फ्रेंडली मैच
नप मंडी में पार्षदों के फ्रेंडली मैच में भाजपा और कांग्रेस की राजनीति गौण हो गई। अध्यक्ष पद पर किसी कांग्रेसी पार्षद ने दावेदारी नहीं ठोकी। यह चुनाव अपने आप में इतिहास बना है। इसमें जहां एक ओर कांग्रेस बहुल पार्षदों वाली नप मंडी में अध्यक्ष नीलम ने इस्तीफा दिया। वहीं, उनका समर्थन पाकर सुमन ठाकुर कुर्सी पर काबिज हो गई हैं। हालांकि, इसे समय का फेर ही कहेंगे कि जब 2016 में नगर निकायों के चुनाव हुए तो सुमन ठाकुर की अगुवाई में ही भाजपा पार्षदों का समर्थन पाकर नीलम शर्मा अध्यक्ष बन गई थीं। अब सूबे में सत्ता बदलते ही नीलम से समर्थन लेकर सुमन ठाकुर अध्यक्ष बन र्गइं।
कोट्स
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पार्षदों ने दिया समर्थन
नप मंडी अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पार्षदों ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। मंत्री अनिल शर्मा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व का भी वह ताजपोशी के लिए आभार जताती हैं। पार्षदों के साथ मिलकर सीएम जयराम ठाकुर के नेतृत्व में शहर में विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी।
नए अध्यक्ष के लिए यह चुनौतियां
नवनिर्वाचित अध्यक्ष के सामने कई चुनौतियां हैं। सबसे पहले उन्हें विभिन्न विभागों और नप में समन्वय को बढ़ाना पड़ेगा। शहर में अरसे से ऊहल पेयजल योजना का कार्य चल रहा है। इसी योजना के तहत शहर में पाइपलाइन बिछाने के लिए शहर में कई जगह पर सड़कें खोदी गई थीं। विभाग और नप में समन्वय की कमी के चलते बरसात के दिनों में शहरियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। विभाग की एनओसी न मिलने के कारण लंबित पड़े कार्यों को गति प्रदान करना नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमन ठाकुर के लिए चुनौती होगा। वहीं, अब अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को लेकर भी नप के समक्ष पार्किंग और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियां हैं।
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सीएम के गृह जिला में कांग्रेस के साथ फ्रेंडली मैच खेल नप अध्यक्ष बनीं सुमन
क्रासर
सोमवार 11 बजे के बाद भरा एकमात्र नामांकन पत्र
किसी पार्षद ने अध्यक्ष पद को नहीं ठोकी दावेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। सीएम के गृह जिला के सबसे बड़े नगर निकाय मंडी में भाजपा ने कांग्रेस पार्षदों के साथ फ्रेंडली मैच खेलकर नप अध्यक्ष की कुर्सी पर सर्वसम्मति से भाजपा का परचम लहरा दिया है। स्थानीय नगर निकाय के इतिहास में शायद पहली दफा ऐसे समीकरणों में बिना किसी विरोध के आपसी सहमति से नप अध्यक्ष चुना गया है। अब भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष एवं पार्षद सुमन ठाकुर नई अध्यक्ष बन गई हैं।
हालांकि, सीएम की विश्वासपात्र होने की मुहर के साथ पहले ही उनका नाम अध्यक्ष पद के लिए फाइनल हो चुका था। लेकिन सोमवार को नगर परिषद की बैठक में अध्यक्ष पद पर उनकी विधिवत ताजपोशी की गई। 11 बजे के बाद उन्होंने नामांकन पत्र दायर किया। अन्य किसी भी पार्षद ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी नहीं ठोकी। एसडीएम सदर मदन कुमार ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए एक ही नामांकन मिला। इसके बाद पार्षदों ने सर्वसम्मति से सुमन ठाकुर को नया अध्यक्ष चुन लिया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुमन ठाकुर को नगर परिषद मंडी का सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। सीएम ने सभी पार्षदों का धन्यवाद करते हुए साथ मिलकर मंडी को को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का आह्वान किया है।
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नीलम ने पहले ही दे दिया था इस्तीफा
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जनवरी की शुरुआत में ही कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष नीलम शर्मा ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। बहुमत होने के बावजूद इस्तीफा दे दिया था।
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तो नप की सियासी पिच पर ऐसा खेला फ्रेंडली मैच
नप मंडी में पार्षदों के फ्रेंडली मैच में भाजपा और कांग्रेस की राजनीति गौण हो गई। अध्यक्ष पद पर किसी कांग्रेसी पार्षद ने दावेदारी नहीं ठोकी। यह चुनाव अपने आप में इतिहास बना है। इसमें जहां एक ओर कांग्रेस बहुल पार्षदों वाली नप मंडी में अध्यक्ष नीलम ने इस्तीफा दिया। वहीं, उनका समर्थन पाकर सुमन ठाकुर कुर्सी पर काबिज हो गई हैं। हालांकि, इसे समय का फेर ही कहेंगे कि जब 2016 में नगर निकायों के चुनाव हुए तो सुमन ठाकुर की अगुवाई में ही भाजपा पार्षदों का समर्थन पाकर नीलम शर्मा अध्यक्ष बन गई थीं। अब सूबे में सत्ता बदलते ही नीलम से समर्थन लेकर सुमन ठाकुर अध्यक्ष बन र्गइं।
कोट्स
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पार्षदों ने दिया समर्थन
नप मंडी अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पार्षदों ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। मंत्री अनिल शर्मा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व का भी वह ताजपोशी के लिए आभार जताती हैं। पार्षदों के साथ मिलकर सीएम जयराम ठाकुर के नेतृत्व में शहर में विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी।
नए अध्यक्ष के लिए यह चुनौतियां
नवनिर्वाचित अध्यक्ष के सामने कई चुनौतियां हैं। सबसे पहले उन्हें विभिन्न विभागों और नप में समन्वय को बढ़ाना पड़ेगा। शहर में अरसे से ऊहल पेयजल योजना का कार्य चल रहा है। इसी योजना के तहत शहर में पाइपलाइन बिछाने के लिए शहर में कई जगह पर सड़कें खोदी गई थीं। विभाग और नप में समन्वय की कमी के चलते बरसात के दिनों में शहरियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। विभाग की एनओसी न मिलने के कारण लंबित पड़े कार्यों को गति प्रदान करना नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमन ठाकुर के लिए चुनौती होगा। वहीं, अब अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को लेकर भी नप के समक्ष पार्किंग और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियां हैं।