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जीप से बच्ची को कुचलने के आरोपी को दो साल कैद
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:16 PM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्रनगर नेहा शर्मा की अदालत ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के एक आरोपी चालक को दो वर्ष की कैद और तीन हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। 22 अप्रैल 2010 को चल्हारग गांव में दोषी चालक ने दो बच्चियों को जीप से कुचल दिया था। इस हादसे में एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
जानकारी के अनुसार अदालत ने अभियुक्त हंस राज पुत्र तोता राम गांव समहोली डाकघर द्राहल जोगिंद्रनगर को तेज रफतारी तथा लापरवाही से चलाने के मामले में धारा 279, 337, 304 ए आईपीसी के तहत दो वर्ष की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उप अभियोजन अधिकारी चनन सिंह डोगरा ने कहा कि 22 अप्रैल 2010 के दिन जब जगदीश चंद पुत्र तुलसी राम गांव चल्हारग शाम 6 बजे के करीब अपनी बच्चियों सानिया और सारिका के साथ अपने घर के साथ ही खुली जगह में मौजूद था और बच्चियों के साथ खेल रहा था। इसी समय मच्छयाल की तरफ से अभियुक्त हंसराज तेज रफ्तारी और लापरवाही से जीप चलाता हुआ आया और उसकी खेल रही दोनों बच्चियों को कुचल दिया। जिससे एक बच्ची सारिका की मौत हो गई, जबकि दूसरी बच्ची सानिया घायल हो गई। 22 अप्रैल 2010 को ही इस घटना का थाना जोगिंद्रनगर में मुकदमा दर्ज हुआ था तथा अदालत में पेश हुआ। मुकदमे की पैरवी सरकार की तरफ से उप अभियोजन अधिकारी चनन सिंह डोगरा ने की तथा 15 गवाह पेश किए। अपराध सिद्ध होने पर अदालत द्वारा दोषी को सजा सुनाई गई है।
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जानकारी के अनुसार अदालत ने अभियुक्त हंस राज पुत्र तोता राम गांव समहोली डाकघर द्राहल जोगिंद्रनगर को तेज रफतारी तथा लापरवाही से चलाने के मामले में धारा 279, 337, 304 ए आईपीसी के तहत दो वर्ष की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उप अभियोजन अधिकारी चनन सिंह डोगरा ने कहा कि 22 अप्रैल 2010 के दिन जब जगदीश चंद पुत्र तुलसी राम गांव चल्हारग शाम 6 बजे के करीब अपनी बच्चियों सानिया और सारिका के साथ अपने घर के साथ ही खुली जगह में मौजूद था और बच्चियों के साथ खेल रहा था। इसी समय मच्छयाल की तरफ से अभियुक्त हंसराज तेज रफ्तारी और लापरवाही से जीप चलाता हुआ आया और उसकी खेल रही दोनों बच्चियों को कुचल दिया। जिससे एक बच्ची सारिका की मौत हो गई, जबकि दूसरी बच्ची सानिया घायल हो गई। 22 अप्रैल 2010 को ही इस घटना का थाना जोगिंद्रनगर में मुकदमा दर्ज हुआ था तथा अदालत में पेश हुआ। मुकदमे की पैरवी सरकार की तरफ से उप अभियोजन अधिकारी चनन सिंह डोगरा ने की तथा 15 गवाह पेश किए। अपराध सिद्ध होने पर अदालत द्वारा दोषी को सजा सुनाई गई है।
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