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15 वर्षो में नहीं बन पाई तुलाह रक्तल उठाऊ पेयजल योजना

Fri, 19 Jan 2018 11:00 PM IST
Updated Fri, 19 Jan 2018 11:00 PM IST
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15 वर्षो में नहीं बन पाई तुलाह रक्तल उठाऊ पेयजल योजना
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत तुलाह के लगभग तीन हजार लोग दूषित पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। इनका कहना है कि तमाम शिकायतों के बावजूद आईपीएच के अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया है। वहीं विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी होने लगी है। जिसके चलते थाना में बाकायदा शिकायतपत्र भी सौंपा गया है। पंचायत के चुगा, कोठी, तुलाह, बसनोड़, ठारा, डली बघैर, खोहर, रक्तल, गुलाणा और सन्हाली गांव की लगभग 3 हजार आबादी को दूषित पेयजल की आपूर्ति करने का आरोप लगा है। शिकायत में पूर्व प्रधान रणजीत सिंह चौहान के अनुसार पंचायत के उपरोक्त गांवों को चुगा श्मशानघाट के पास से ही पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। तुलाह पंचायत के कोठी गांव को मगरनाला से प्राकृतिक बहाव योजना तथा अन्य सभी गांवों के लिए बैरू नाला के गोखू से प्राकृतिक बहाव योजना के तहत आपूर्ति की जाती है। कहा गया कि तुलाह पंचायत की आबादी के लिए लगभग 15 वर्ष पूर्व शुरू की गई तुलाह रक्तल उठाऊ पेयजल योजना अभी तक भी पूरी नहीं हो पाई है। जबकि गर्मियों में पानी की किल्लत होने पर इस उठाऊ पेयजल योजना का पानी उपरोक्त दोनों प्राकृतिक बहाव योजनाओं के भंडारण टैंकों में डाल दिया जाता था तथा इन फिल्टर टैंकों के खराब होने के कारण और वर्ष 2017 में ब्यास नदी में पानी उठाने के स्थान पर ल्हासा गिरने के कारण विभाग ने अपनी सहूलियत के लिए पानी उठाने वाले पंप को पुरानी जगह से हटा कर श्मशानघाट के बिल्कुल करीब ही जोड़ दिया। जिस कारण वहां पानी दूषित हो रहा है तथा विभाग लोगों को दूषित पानी की आपूर्ति कर एक तरफ लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। वहीं, लोगों की धार्मिक भावनाओं से भी खिलवाड़ हो रहा है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग थाना प्रभारी जोगिंद्रनगर से की है। जब इस संदर्भ में विभाग के सहायक अभियंता धर्म चंद रावत ने कहा कि विभाग की ओर से लोगों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है तथा ब्यास नदी के पानी की फिल्टर टैंक के माध्यम से ही आपूर्ति की जा रही है। उधर, थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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