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स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट पर मनमानी फीस वसूलने पर शिकंजा
Updated Thu, 10 May 2018 11:03 PM IST
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नेरचौक/ जोगिंद्रनगर (मंडी)। बच्चों के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के नाम पर अभिभावकों की जेब काटने वाले निजी स्कूल प्रबंधकों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। जल्द ही इन स्कूलों को लिखित में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी को जवाब देना होगा। ऐसा न करने वाले स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई की गाज गिर सकती है। गत माह स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के जोगिंद्रनगर और सुंदरनगर क्षेत्र के दो निजी स्कूलों ने 100 और 600 रुपए वसूले थे। जिसकी शिकायत अभिभावकों ने उपनिदेशक कार्यालय प्रारंभिक शिक्षा मंडी को सौंपी थी। शिकायत मिलने पर अब विभाग ने जवाब तलब किया है। अभिभावकों की मांग पर ‘अमर उजाला’ ने भी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे वसूलने का मुद्दा उठाया था। नोटिस में विभाग ने कहा कि स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के 100 और 600 रुपये किस आधार पर वसूले गए हैं। स्कूलों को निश्चित समय के भीतर जवाब में वसूली गई राशि का ब्योरा देना होगा।
केस नंबर एक
जोगिंद्रनगर उपमंडल के एक निजी स्कूल में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के मनमाने दाम वसूलने का मामला सामने आया था। अभिभावक तनुजा ने विभाग को शिकायत सौंपी थी कि जब वह अपनी लड़की सेजल का स्कूल त्याग प्रमाण पत्र लेने गई तो उनसे स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी करने के 100 रुपये मांगें गए। हालांकि उन्होंने इस बात का एतराज भी जताया कि सरकारी स्कूलों में स्कूल त्याग प्रमाण पत्र के स्टेशनरी चार्ज के तौर पर मात्र पांच या दस रुपये लिये जाते हैं। उनसे 100 रुपये लेने के बाद ही यह प्रमाण पत्र दिया गया और उनके हाथ बस फेयर की रसीद बुक से 100 रुपये की रसीद काट कर थमा दी गई।
केस नंबर दो
सुंदरनगर क्षेत्र के एक निजी स्कूल ने स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के 600 रुपये वसूले थे। जबकि, काटी गई रसीद में अंदर चार्जेज दिखाए गए थे। इस मामले में अभिभावक दीवान चंद ने विभाग को शिकायत सौंपी थी कि उनके बच्चों से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के नाम पर 600 रुपये स्कूल प्रबंधन ने वसूले हैं। जबकि, जवाब मांगने पर प्रबंधन ने कोई उचित जवाब नहीं दिया है।
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स्कूलों से मांगा जवाब : उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी केडी शर्मा ने कहा कि स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। अभिभावकों से मिली शिकायत के आधार पर यह नोटिस जारी किए गए हैं। स्कूलों से शिकायतों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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केस नंबर एक
जोगिंद्रनगर उपमंडल के एक निजी स्कूल में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के मनमाने दाम वसूलने का मामला सामने आया था। अभिभावक तनुजा ने विभाग को शिकायत सौंपी थी कि जब वह अपनी लड़की सेजल का स्कूल त्याग प्रमाण पत्र लेने गई तो उनसे स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी करने के 100 रुपये मांगें गए। हालांकि उन्होंने इस बात का एतराज भी जताया कि सरकारी स्कूलों में स्कूल त्याग प्रमाण पत्र के स्टेशनरी चार्ज के तौर पर मात्र पांच या दस रुपये लिये जाते हैं। उनसे 100 रुपये लेने के बाद ही यह प्रमाण पत्र दिया गया और उनके हाथ बस फेयर की रसीद बुक से 100 रुपये की रसीद काट कर थमा दी गई।
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केस नंबर दो
सुंदरनगर क्षेत्र के एक निजी स्कूल ने स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के 600 रुपये वसूले थे। जबकि, काटी गई रसीद में अंदर चार्जेज दिखाए गए थे। इस मामले में अभिभावक दीवान चंद ने विभाग को शिकायत सौंपी थी कि उनके बच्चों से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के नाम पर 600 रुपये स्कूल प्रबंधन ने वसूले हैं। जबकि, जवाब मांगने पर प्रबंधन ने कोई उचित जवाब नहीं दिया है।
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स्कूलों से मांगा जवाब : उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी केडी शर्मा ने कहा कि स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। अभिभावकों से मिली शिकायत के आधार पर यह नोटिस जारी किए गए हैं। स्कूलों से शिकायतों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।