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फोरलेन मार्ग की निशानदेही ना होने से रूके घरों के निर्माण
Updated Wed, 06 Jun 2018 06:16 PM IST
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प्रभावितों ने दो माह में फोरलेन की निशानदेही की रखी मांग
फोरलेन मार्ग की निशानदेही न होने से रुके हैं घरों के निर्माण
अमर उजाला ब्यूूूरो
पधर (मंडी)।
मंडी-पठानकोट फोरलेन मार्ग की निशानदेही न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोई कह रहा कि जहां से पुरानी सड़क है वहीं से फोरलेन जाएगा तो कोई कहता है कि सड़क के नीचे से जाएगा। ऐसे में लोगों के गृह निर्माण कार्य अरसे से लटके हुए हैं। लोगों में बलवंत कुमार, पिंटू, काकू, अमर सिंह, कला देवी, पूर्ण चंद, रमेश कुमार, कालू राम, जसवीर कौर, छोटू, प्रोमिला, गिरेंद्र कुमार, संजय कुमार, पूर्ण चंद, राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार, नरेेंद्र, लछमी आदि का कहना है कि दो माह के भीतर सर्वे के निशान लग जाने चाहिए ताकि, लोग अपने गृह निर्माण कार्य शुरू कर सकें। लोगों का कहना है कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी फोरलेन की निशानदेही नहीं हो पाई है। अंग्रेजों ने तीन वर्षों में पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेलमार्ग पहुंचा दिया था, जबकि उस दौर में मशीनें भी नहीं थीं।
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फोरलेन मार्ग की निशानदेही न होने से रुके हैं घरों के निर्माण
अमर उजाला ब्यूूूरो
पधर (मंडी)।
मंडी-पठानकोट फोरलेन मार्ग की निशानदेही न होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोई कह रहा कि जहां से पुरानी सड़क है वहीं से फोरलेन जाएगा तो कोई कहता है कि सड़क के नीचे से जाएगा। ऐसे में लोगों के गृह निर्माण कार्य अरसे से लटके हुए हैं। लोगों में बलवंत कुमार, पिंटू, काकू, अमर सिंह, कला देवी, पूर्ण चंद, रमेश कुमार, कालू राम, जसवीर कौर, छोटू, प्रोमिला, गिरेंद्र कुमार, संजय कुमार, पूर्ण चंद, राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार, नरेेंद्र, लछमी आदि का कहना है कि दो माह के भीतर सर्वे के निशान लग जाने चाहिए ताकि, लोग अपने गृह निर्माण कार्य शुरू कर सकें। लोगों का कहना है कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी फोरलेन की निशानदेही नहीं हो पाई है। अंग्रेजों ने तीन वर्षों में पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेलमार्ग पहुंचा दिया था, जबकि उस दौर में मशीनें भी नहीं थीं।