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प्रशिक्षण शिविर में सौंदर्य प्रसाधनों व बिस्किट बनाने की दी जानकारी
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:20 PM IST
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प्रशिक्षण शिविर में सिखाया सौंदर्य प्रसाधन और बिस्किट बनाना
तकनीकी एवं विकास समिति मंडी ने नगवाईं में दिया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नगवाईं (मंडी)। तकनीकी एवं विकास समिति मंडी की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के सौजन्य से नगवाईं में लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधनों, हर्बल साबुन और चैलाई से बिस्किट बनाने की जानकारी दी गई। इसके लिए नगवाईं में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सरकाघाट, लगघाटी, बंजार और नगवाईं के विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान क्लबों के 20 महिला और पुरुष प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संस्था के प्रभारी वैज्ञानिक भूपिंदर मेहता ने बताया कि शिविर में चुल्ली के तेल, एलोवेरा, मधुमक्खी के छत्ते के मोम शहद से घरेलू स्तर पर बनने वाले उत्तम गुणवत्ता के सौंदर्य प्रसाधनों को बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में सौंदर्य प्रसाधनों को बनाने की विधि भी बताई गई। घरेलू स्तर पर जड़ी-बूटी जैसे कि तुलसी, ड्रेक, रीठा, एलोवेरा और चुल्ली के तेल से साबुन बनाने का भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ-साथ क्षेत्रीय पौष्टिक फसलों जैसे चिलाई, स्लयारा, रांगी आदि से घरेलू स्तर पर बिस्किट बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर संस्था की वैज्ञानिक डॉ. निशा ठाकुर, नेहा, कर्म चंद और ओम प्रकाश ने भी विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से इस शिविर में अपना सहयोग दिया।
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तकनीकी एवं विकास समिति मंडी ने नगवाईं में दिया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नगवाईं (मंडी)। तकनीकी एवं विकास समिति मंडी की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के सौजन्य से नगवाईं में लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधनों, हर्बल साबुन और चैलाई से बिस्किट बनाने की जानकारी दी गई। इसके लिए नगवाईं में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सरकाघाट, लगघाटी, बंजार और नगवाईं के विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान क्लबों के 20 महिला और पुरुष प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संस्था के प्रभारी वैज्ञानिक भूपिंदर मेहता ने बताया कि शिविर में चुल्ली के तेल, एलोवेरा, मधुमक्खी के छत्ते के मोम शहद से घरेलू स्तर पर बनने वाले उत्तम गुणवत्ता के सौंदर्य प्रसाधनों को बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में सौंदर्य प्रसाधनों को बनाने की विधि भी बताई गई। घरेलू स्तर पर जड़ी-बूटी जैसे कि तुलसी, ड्रेक, रीठा, एलोवेरा और चुल्ली के तेल से साबुन बनाने का भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ-साथ क्षेत्रीय पौष्टिक फसलों जैसे चिलाई, स्लयारा, रांगी आदि से घरेलू स्तर पर बिस्किट बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर संस्था की वैज्ञानिक डॉ. निशा ठाकुर, नेहा, कर्म चंद और ओम प्रकाश ने भी विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से इस शिविर में अपना सहयोग दिया।