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पड्डल में ग्रेट खली की कुश्ती को लेकर खिलाफत के स्वर बुलंद
Updated Fri, 22 Jun 2018 10:42 PM IST
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मंडी। ग्रेट खली के रेस्लिंग इवेंट को ऐतिहासिक पड्डल मैदान में करवाने को लेकर खेल प्रेमियों में खिलाफत के स्वर बुलंद होने लगा हैं। इनका तर्क है कि मंडी की शान ऐतिहासिक पड्डल मैदान पहले से ही अपना अस्तित्व खो रहा है। सरकारी और अन्य व्यावसायिक कार्यक्रमों से खेल मैदान की महत्ता खत्म हो रही है। इसकी सतह भी खराब हो चुकी है। एक तरफ तो सरकार पड्डल मैदान को सुधारने के लिए करोड़ों का खर्च कर रही है, दूसरी तरफ इस तरह के आयोजनों के चलते उसका परिणाम शून्य आ रहा है। आलम यह है कि स्थानीय खिलाड़ियों के लिए नियमित रूप से मैदान उपलब्ध नहीं हो रहा है और सरकार व्यावसायिक आयोजन करवाकर मैदान की हालत अधिक खराब कर रही है। अगर वास्तव में 29 जून को ग्रेट खली का कुश्ती इवेंट पड्डल में होता है तो फिर पड्डल मैदान छलनी होगा और मैदान को सुधारने के लिए लाखों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
स्पोर्ट्स पर्सन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएल वैद्य और सचिव कैलाश तिवारी का कहना है कि पड्डल मैदान का इस प्रकार दुरुपयोग आखिर कब खत्म होगा। संघ ने सरकार मांग उठाई है कि यह इवेंट किसी अन्य जगह करवाया जाए। पड्डल मैदान में इस समय सुधार कार्य अंतिम चरण में है। इसे फिर से क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है। सरकार को तुरंत इस बारे में गंभीरता से विचार करना होगा। अन्यथा खिलाड़ी वर्ग के लिए यह असहनीय होगा और अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो सकते हैं।
तो तीन करोड़ खर्च करेगी सरकार
संघ का दावा है कि प्रदेश सरकार लगभग 3 करोड़ खली की कुश्ती प्रतियोगिता के लिए लगाने जा रही है। पदाधिकारियों का कहना है कि एक तरफ सरकार के कंधों पर निरंतर ऋण का बोझ बढ़ता चला आ रहा है, दूसरी ओर इस प्रकार के आयोजन पर करोड़ों का अतिरिक्त बोझ पड़ने जा रहा है। अगर खली यह आयोजन किसी बड़े कारपोरेट घराने से करवाते और इस से प्राप्त धन को हिमाचल के खिलाड़ियों के कल्याण के लिए लगाते तो कुछ बात बनती। हालांकि इस में कोई संदेह नहीं कि ग्रेट खली ने हिमाचल का दुनिया में नाम चमकाया है।
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स्पोर्ट्स पर्सन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएल वैद्य और सचिव कैलाश तिवारी का कहना है कि पड्डल मैदान का इस प्रकार दुरुपयोग आखिर कब खत्म होगा। संघ ने सरकार मांग उठाई है कि यह इवेंट किसी अन्य जगह करवाया जाए। पड्डल मैदान में इस समय सुधार कार्य अंतिम चरण में है। इसे फिर से क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है। सरकार को तुरंत इस बारे में गंभीरता से विचार करना होगा। अन्यथा खिलाड़ी वर्ग के लिए यह असहनीय होगा और अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो सकते हैं।
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तो तीन करोड़ खर्च करेगी सरकार
संघ का दावा है कि प्रदेश सरकार लगभग 3 करोड़ खली की कुश्ती प्रतियोगिता के लिए लगाने जा रही है। पदाधिकारियों का कहना है कि एक तरफ सरकार के कंधों पर निरंतर ऋण का बोझ बढ़ता चला आ रहा है, दूसरी ओर इस प्रकार के आयोजन पर करोड़ों का अतिरिक्त बोझ पड़ने जा रहा है। अगर खली यह आयोजन किसी बड़े कारपोरेट घराने से करवाते और इस से प्राप्त धन को हिमाचल के खिलाड़ियों के कल्याण के लिए लगाते तो कुछ बात बनती। हालांकि इस में कोई संदेह नहीं कि ग्रेट खली ने हिमाचल का दुनिया में नाम चमकाया है।
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