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110 मैगावाट ऊहल तृतीय परियोजना में मई में होगा बिजली उत्पादन
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:19 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। 110 मेगावाट ऊहल तृतीय चरण परियोजना में मई में बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने जोगिंद्रनगर के मच्छयाल स्थित ऊहल तृतीय परियोजना के निर्माण कार्यों का जायजा लेने के दौरान यह दावा किया है। हालांकि, जनवरी में जोगिंद्रनगर सीएम प्रवास के दौरान सांसद रामस्वरूप ने यहां पर अप्रैल में ही योजना का कार्य पूरा करने का दावा किया था। करीब चार घंटे तक के निरीक्षण में ऊर्जा मंत्री ने परियोजना के तमाम निर्माण कार्यों की गहनता से जांच की। सुबह करीब 12 बजे भट्ठा स्थित व्यास वैली कॉर्पोरेशन के कार्यालय में पहुंचकर उन्होंने परियोजना के एमडी सीएसएस चौहान से करीब एक घंटे तक बैठक कर परियोजना के तमाम पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान एमडी ने ऊर्जा मंत्री को परियोजना के निर्माण से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परियोजना में अब तक अनुमानित 1500 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। रेजर वायर, पावर हाउस सहित 8क़लोमीटर लंबी टनल का भी काम पूरा किया जा चुका है। उन्होंने निर्माण कार्य के विलंब पर तर्क देते हुए कहा कि टनल के निर्माण के दौरान प्रत्येक सेंकड डेढ़ सौ लीटर पानी का रिसाव होने के कारण निर्माण कार्य को पूरा करना चुनौती बना हुआ था। साथ ही टनल में अन्य निकासी न होने के कारण भी कार्य को निपटाना आसान नहीं था। दोपहर बाद ऊर्जा मंत्री ने स्वयं टनल में प्रवेश कर विस्तृत जानकारी हासिल की। टनल से होते हुए ऊर्जा मंत्री चूल्हा स्थित पावर हाउस पहुंचे और वहां पर करोड़ों की लागत से बने पावर हाउस में स्थापित मशीनरी का निरीक्षण भी किया। उन्होंने लडभड़ोल के रक्तल में स्थित सर सॉफ्ट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना के एसई अश्वनी सूद, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता बीआर राणा, अबीर कंपनी के प्रोजेक्ट हेड एनसी राव और व्यास वैली कार्पोरेशन के निदेशक पवन कुमार कोहली मौजूद रहे।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। 110 मेगावाट ऊहल तृतीय चरण परियोजना में मई में बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने जोगिंद्रनगर के मच्छयाल स्थित ऊहल तृतीय परियोजना के निर्माण कार्यों का जायजा लेने के दौरान यह दावा किया है। हालांकि, जनवरी में जोगिंद्रनगर सीएम प्रवास के दौरान सांसद रामस्वरूप ने यहां पर अप्रैल में ही योजना का कार्य पूरा करने का दावा किया था। करीब चार घंटे तक के निरीक्षण में ऊर्जा मंत्री ने परियोजना के तमाम निर्माण कार्यों की गहनता से जांच की। सुबह करीब 12 बजे भट्ठा स्थित व्यास वैली कॉर्पोरेशन के कार्यालय में पहुंचकर उन्होंने परियोजना के एमडी सीएसएस चौहान से करीब एक घंटे तक बैठक कर परियोजना के तमाम पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान एमडी ने ऊर्जा मंत्री को परियोजना के निर्माण से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परियोजना में अब तक अनुमानित 1500 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। रेजर वायर, पावर हाउस सहित 8क़लोमीटर लंबी टनल का भी काम पूरा किया जा चुका है। उन्होंने निर्माण कार्य के विलंब पर तर्क देते हुए कहा कि टनल के निर्माण के दौरान प्रत्येक सेंकड डेढ़ सौ लीटर पानी का रिसाव होने के कारण निर्माण कार्य को पूरा करना चुनौती बना हुआ था। साथ ही टनल में अन्य निकासी न होने के कारण भी कार्य को निपटाना आसान नहीं था। दोपहर बाद ऊर्जा मंत्री ने स्वयं टनल में प्रवेश कर विस्तृत जानकारी हासिल की। टनल से होते हुए ऊर्जा मंत्री चूल्हा स्थित पावर हाउस पहुंचे और वहां पर करोड़ों की लागत से बने पावर हाउस में स्थापित मशीनरी का निरीक्षण भी किया। उन्होंने लडभड़ोल के रक्तल में स्थित सर सॉफ्ट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना के एसई अश्वनी सूद, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता बीआर राणा, अबीर कंपनी के प्रोजेक्ट हेड एनसी राव और व्यास वैली कार्पोरेशन के निदेशक पवन कुमार कोहली मौजूद रहे।