{"_id":"5a4f80ee4f1c1b5c248b67e2","slug":"101515159790-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"33 वर्षीय युवा डीसी ऋग्वेद संभालेंगे सीएम का जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
33 वर्षीय युवा डीसी ऋग्वेद संभालेंगे सीएम का जिला
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। सूबे की सांस्कृतिक राजधानी के नाम से विख्यात छोटी कांशी मंडी के डीसी अब ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर होंगे। 2011 बैच में 67वां रैंक हासिल करने वाले महाराष्ट्र ठाणे के 33 वर्षीय युवा आईएएस अफसर के हाथों सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी की कमान होगी। हालांकि, मंडी में काम करना उनके लिए नया अनुभव नहीं होगा। इससे पहले वह पंद्रह माह तक मंडी में एडीसी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा कांगड़ा के नगरोटा बगवां में खंड विकास अधिकारी, एसडीएम बैजनाथ के पदभार का भी अनुभव है। मंडी में तैनाती से पहले वह बिलासपुर के उपायुक्त रहे हैं।
प्रदेश में मंडी जिला से पहली बार कोई मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है। जनता की अपने सीएम से क्षेत्र के विकास के लिए उम्मीदें भी खास हैं। लिहाजा सीएम अपने गृह जिला के लिए सबसे काबिल अफसर की तलाश में थे। अब मंडी जिला के उपायुक्त का पदभार संभालते ही मुख्यमंत्री के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरकर मंडी जिला में असीम और नवविकास की गाथा लिखना युवा आईएएस अफसर ऋग्वेद के लिए चुनौती भरा रहेगा। इसके अलावा मंदिरों के प्राचीन इतिहास और संस्कृति को उसी स्वरूप में संजोने के अलावा देश भर में स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर मंडी को कायम रखना भी उपायुक्त के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। वहीं मंडी से स्थानांतरित आईएएस अधिकारी कैप्टन मदन चौहान को मंडी डीसी का पद चार माह ही मिला है। इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनावों का सफल निपटान के अलावा शहर में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखा है।
विज्ञापन
प्रदेश में मंडी जिला से पहली बार कोई मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है। जनता की अपने सीएम से क्षेत्र के विकास के लिए उम्मीदें भी खास हैं। लिहाजा सीएम अपने गृह जिला के लिए सबसे काबिल अफसर की तलाश में थे। अब मंडी जिला के उपायुक्त का पदभार संभालते ही मुख्यमंत्री के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरकर मंडी जिला में असीम और नवविकास की गाथा लिखना युवा आईएएस अफसर ऋग्वेद के लिए चुनौती भरा रहेगा। इसके अलावा मंदिरों के प्राचीन इतिहास और संस्कृति को उसी स्वरूप में संजोने के अलावा देश भर में स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर मंडी को कायम रखना भी उपायुक्त के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। वहीं मंडी से स्थानांतरित आईएएस अधिकारी कैप्टन मदन चौहान को मंडी डीसी का पद चार माह ही मिला है। इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनावों का सफल निपटान के अलावा शहर में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखा है।
विज्ञापन