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पानी के लिए आईपीएच दफ्तर के बाहर प्रदर्शन
Updated Fri, 01 Dec 2017 09:55 PM IST
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सरकाघाट में पानी को लेकर ज्ञापन देने जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)। पानी की समस्या का निदान न होने से बिफरे सधोट पंचायत के ग्रामीणों ने शुक्रवार को आइपीएच कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। रोष व्यक्त करते हुए आईपीएच की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समस्या के निदान की मांग की। ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी दी कि अगर शीघ्र उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतर जाएंगे। पंचायत प्रधान आशा कुमारी के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि पेयजल संकट को लेकर गत 20 नवंबर को भी प्रभावित गांवों बाहरू, मोरत्न, धनराशि और सधोट आचार्य बस्ती के लोगों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा था और उनसे इस समस्या का स्थायी रूप से हल निकालने का अनुरोध किया था, लेकिन आश्वासनों के सिवा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। तीन वर्षों से इन गांवों में चल रहे पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं। विभाग चैन की नींद सोया हुआ है। शिकायतों और समस्या को अनसुना किया जा रहा है।
पंद्रह दिन में एक बार मिल रहा पानी
प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ओम चंद, अमर सिंह, भाग सिंह, नेकराम, बालम राम, धर्म चंद, नानक चंद, प्रकाश चंद, भाग सिंह, राजीव कुमार, कुलदीप सिंह, प्रेम सिंह, बलबीर सिंह, आरएस जंवाल, परमा नंद, बालमा देवी, बिमला देवी, ज्ञानो देवी, प्रेमी देवी, प्रेमलता, शिल्पा देवी आदि का कहना है कि उपरोक्त गांवों को बाहरू, मोरत्न खड्ड से पेयजल की आपूर्ति होती है और उन्हें 15 दिनों में एक ही बार पानी आता है। इससे सैकड़ों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी के जुगाड़ में बीत रहा पूरा दिन
गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने खड्डों में खुद कुएं खोदे हैं और उसके बाद उनका पूरा दिन पानी भरने में ही समाप्त हो जाता है। ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी पेयजल समस्या का समाधान शीघ्रता से नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएंगे। तीन वर्ष पूर्व इनके गांवों को कांडापतन अवाहदेवी उठाऊ पेयजल योजना के चोलथरा स्थित टैंक से पेयजल आपूर्ति होती थी, जो इस नई योजना के बनने के बाद बंद कर दी गई है और तभी से यह समस्या आ रही है।
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जल्द किया जाएगा समस्या का समाधान : जस्वाल
आईपीएच के अधिशाषी अभियंता एसके जस्वाल ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या का शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग इस समस्या के स्थायी हल के प्रयास में लगा हुआ है। लोगों को प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करने के लिए विभाग प्रयासरत है।
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सरकाघाट (मंडी)। पानी की समस्या का निदान न होने से बिफरे सधोट पंचायत के ग्रामीणों ने शुक्रवार को आइपीएच कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। रोष व्यक्त करते हुए आईपीएच की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समस्या के निदान की मांग की। ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी दी कि अगर शीघ्र उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतर जाएंगे। पंचायत प्रधान आशा कुमारी के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि पेयजल संकट को लेकर गत 20 नवंबर को भी प्रभावित गांवों बाहरू, मोरत्न, धनराशि और सधोट आचार्य बस्ती के लोगों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा था और उनसे इस समस्या का स्थायी रूप से हल निकालने का अनुरोध किया था, लेकिन आश्वासनों के सिवा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। तीन वर्षों से इन गांवों में चल रहे पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं। विभाग चैन की नींद सोया हुआ है। शिकायतों और समस्या को अनसुना किया जा रहा है।
पंद्रह दिन में एक बार मिल रहा पानी
प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ओम चंद, अमर सिंह, भाग सिंह, नेकराम, बालम राम, धर्म चंद, नानक चंद, प्रकाश चंद, भाग सिंह, राजीव कुमार, कुलदीप सिंह, प्रेम सिंह, बलबीर सिंह, आरएस जंवाल, परमा नंद, बालमा देवी, बिमला देवी, ज्ञानो देवी, प्रेमी देवी, प्रेमलता, शिल्पा देवी आदि का कहना है कि उपरोक्त गांवों को बाहरू, मोरत्न खड्ड से पेयजल की आपूर्ति होती है और उन्हें 15 दिनों में एक ही बार पानी आता है। इससे सैकड़ों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पानी के जुगाड़ में बीत रहा पूरा दिन
गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने खड्डों में खुद कुएं खोदे हैं और उसके बाद उनका पूरा दिन पानी भरने में ही समाप्त हो जाता है। ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी पेयजल समस्या का समाधान शीघ्रता से नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएंगे। तीन वर्ष पूर्व इनके गांवों को कांडापतन अवाहदेवी उठाऊ पेयजल योजना के चोलथरा स्थित टैंक से पेयजल आपूर्ति होती थी, जो इस नई योजना के बनने के बाद बंद कर दी गई है और तभी से यह समस्या आ रही है।
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जल्द किया जाएगा समस्या का समाधान : जस्वाल
आईपीएच के अधिशाषी अभियंता एसके जस्वाल ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या का शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग इस समस्या के स्थायी हल के प्रयास में लगा हुआ है। लोगों को प्रचुर मात्रा में पानी की आपूर्ति करने के लिए विभाग प्रयासरत है।